सीरिया में असद परिवार पर बड़ा न्यायिक फैसला
दमिश्क की चौथी आपराधिक अदालत ने सीरिया के अपदस्थ पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मानवता के विरुद्ध अपराध, युद्ध अपराध और पूर्वनियोजित हत्या के मामले में अनुपस्थित रहते हुए मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने उनके छोटे भाई माहेर अल-असद को भी हत्या, यातना और हत्या के लिए उकसाने के आरोपों में अनुपस्थित रहते हुए मृत्युदंड दिया। यह फैसला सीरिया में लंबे गृहयुद्ध और उसके दौरान हुए कथित अत्याचारों पर चल रही जवाबदेही प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
अनुपस्थित मुकदमे और अदालत का फैसला
अनुपस्थित रहते हुए सुनाई गई सजा का अर्थ है कि आरोपी अदालत में मौजूद नहीं होता, फिर भी न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ती है। बशर अल-असद और माहेर अल-असद दोनों रूस की राजधानी मॉस्को में रह रहे थे, क्योंकि वे अपने शासन के पतन के बाद सीरिया छोड़ चुके थे। दमिश्क की अदालत ने इस मामले में कुल नौ पूर्व सीरियाई शासन और सुरक्षा अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई।
इसी मामले में पूर्व राजनीतिक सुरक्षा प्रमुख अतफ नजीब को अदालत ने व्यक्तिगत रूप से दोषी ठहराया। नजीब, जो दारा प्रांत में राजनीतिक सुरक्षा के प्रमुख रह चुके थे और बशर अल-असद के मामा के बेटे हैं, पर व्यवस्थित सामूहिक हत्याओं, यातना और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के हिंसक दमन के आरोप साबित हुए।
सीरिया के गृहयुद्ध से जुड़ा न्यायिक अध्याय
यह फैसला 14 साल लंबे सीरियाई गृहयुद्ध से जुड़ी घटनाओं की पृष्ठभूमि में आया है। इस संघर्ष में लगभग 5 लाख लोगों की मौत हुई और लाखों लोग विस्थापित हुए। गृहयुद्ध के दौरान सरकारी बलों और सुरक्षा तंत्र पर व्यापक दमन, हिरासत में यातना और नागरिकों पर हिंसा के आरोप लगते रहे हैं।
सीरिया में संक्रमणकालीन प्राधिकरणों ने 2026 में पूर्व सरकारी अधिकारियों पर मुकदमे शुरू किए, जब 8 दिसंबर 2024 को बशर अल-असद के 24 साल लंबे शासन का अंत हुआ। इसके बाद अहमद अल-शरा सीरिया के राष्ट्रपति बने। इस तरह के मुकदमे यह संकेत देते हैं कि नया प्रशासन अतीत के अपराधों पर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाना चाहता है।
अंतरराष्ट्रीय कानून और परीक्षा के लिए जरूरी संदर्भ
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- दमिश्क सीरिया की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है।
- मानवता के विरुद्ध अपराध अंतरराष्ट्रीय आपराधिक कानून के सबसे गंभीर अपराधों में गिने जाते हैं।
- युद्ध अपराध सशस्त्र संघर्ष के दौरान युद्ध के नियमों और परंपराओं के उल्लंघन को कहते हैं।
- अनुपस्थित मुकदमे उन कानूनी प्रणालियों में होते हैं, जहां आरोपी अदालत में शारीरिक रूप से मौजूद नहीं होता।
असद परिवार पर आया यह फैसला केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि सीरिया में जवाबदेही, संक्रमणकालीन न्याय और युद्धकालीन अपराधों की कानूनी पड़ताल का अहम संकेत भी है।