लेबनान ने मृत्युदंड खत्म कर मानवाधिकार बहस में नया कदम उठाया

लेबनान ने मृत्युदंड खत्म कर मानवाधिकार बहस में नया कदम उठाया

लेबनान की संसद ने 11 अगस्त 2026 को मृत्युदंड को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया। नए कानून के तहत भविष्य के गंभीर अपराधों के लिए अब मौत की सजा नहीं, बल्कि आजीवन कारावास के साथ कठोर श्रम की सजा दी जाएगी। इसके साथ ही मृत्युदंड की प्रतीक्षा कर रहे कैदियों की सजा भी कम कर दी गई है। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लेबनान में 17 जनवरी 2004 के बाद से किसी को फांसी नहीं दी गई थी और यह व्यवस्था लंबे समय से व्यवहार में निष्क्रिय थी।

संसद में पारित हुआ ऐतिहासिक कानून

यह विधेयक संसद के उस सत्र में पारित हुआ जिसे स्पीकर नबीह बेरी ने बुलाया था। मतदान के दौरान हिज्बुल्लाह के संसदीय गुट ने इस प्रस्ताव का विरोध किया, लेकिन बहुमत ने मृत्युदंड समाप्त करने के पक्ष में फैसला दिया। कानून का एक अहम पहलू यह भी है कि यह केवल भविष्य के मामलों पर ही नहीं, बल्कि पहले से मौत की सजा पाए लोगों पर भी लागू होगा।

नए प्रावधान के अनुसार लेबनान की जेलों में मृत्युदंड की सजा काट रहे लगभग 84 से 85 कैदियों की सजा अब बदल दी जाएगी। यह कदम न्याय व्यवस्था में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि इससे देश की दंड नीति अधिक स्पष्ट और एकरूप होगी।

मध्य पूर्व में अलग पहचान और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

लेबनान अब मध्य पूर्व का पहला देश बन गया है जिसने मृत्युदंड को कानूनी रूप से समाप्त किया है। कुछ रिकॉर्डों में इसे अरब लीग के 22 सदस्य देशों में दूसरा ऐसा देश भी बताया गया है, जिसने कानूनन फांसी की सजा खत्म की है; इससे पहले जिबूती का नाम लिया जाता है।

यूरोपीय संघ ने लेबनान के इस फैसले का स्वागत किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे मानवाधिकारों की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। लेबनान के न्याय मंत्री एडेल नास्सार और सांसद साइमन अबी रामिया जैसे नेताओं के नाम भी इस बहस में सामने आए, जिन्होंने सुधार की जरूरत पर जोर दिया था।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • मृत्युदंड का अर्थ है किसी अपराध के लिए राज्य द्वारा दी जाने वाली कानूनी फांसी की सजा।
  • लेबनान में 17 जनवरी 2004 के बाद कोई निष्पादन नहीं हुआ था, यानी वहां लंबे समय से अनौपचारिक रोक लागू थी।
  • नए कानून में मृत्युदंड की जगह आजीवन कारावास के साथ कठोर श्रम का प्रावधान किया गया है।
  • जिबूती को आम तौर पर अरब लीग का एकमात्र अन्य सदस्य देश माना जाता है जिसने कानूनन मृत्युदंड समाप्त किया है।

लेबनान का यह निर्णय दंड सुधार, मानवाधिकार और न्यायिक नीति के लिहाज से क्षेत्रीय स्तर पर एक अहम मिसाल बन सकता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि कई देश अब कठोर दंड के बजाय वैकल्पिक सजा प्रणालियों की ओर बढ़ रहे हैं।

Originally written on August 11, 2026 and last modified on August 11, 2026.

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