लद्दाख में 20 नई चोटियों पर ऐतिहासिक चढ़ाई, NIMAS ने बनाया नया रिकॉर्ड
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ‘फर्स्ट असेंट माउंटेनियरिंग एक्सपीडिशन’ को फ्लैग-इन किया। इस अभियान ने लद्दाख में 6,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली 20 अब तक अछूती चोटियों पर पहली सफल चढ़ाई दर्ज की, और यह उपलब्धि 23 दिनों में हासिल की गई।
लद्दाख की ऊंचाइयों पर पहली बार दर्ज हुई सफलता
यह अभियान लद्दाख रेंज के चामसर-लुंगसर, ग्यामा नाला और चोकुला क्षेत्रों में संचालित हुआ। इन इलाकों की भौगोलिक स्थिति बेहद दुर्गम है और यहां ऊंचाई, मौसम तथा ऑक्सीजन की कमी जैसी चुनौतियां पर्वतारोहियों की परीक्षा लेती हैं। 6,000 मीटर से ऊपर की चढ़ाइयों को उच्च-ऊंचाई पर्वतारोहण की श्रेणी में रखा जाता है, इसलिए यह उपलब्धि तकनीकी कौशल और शारीरिक सहनशक्ति, दोनों का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।
NIMAS की टीम और नेतृत्व
इस अभियान में अरुणाचल प्रदेश के दिरांग स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (NIMAS) के 20 पर्वतारोहियों की टीम शामिल थी। टीम का नेतृत्व NIMAS के निदेशक कर्नल रणवीर सिंह जम्वाल ने किया। NIMAS रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और पर्वतारोहण, साहसिक खेलों तथा प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए जाना जाता है।
रक्षा मंत्रालय और साहसिक खेलों के लिए अहम उपलब्धि
यह अभियान केवल खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत के साहसिक खेल ढांचे की क्षमता का भी संकेत है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस समारोह में मौजूद रहे। इस तरह के अभियानों से युवाओं में पर्वतारोहण, अन्वेषण और साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि बढ़ती है। साथ ही, यह भारत के हिमालयी और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में प्रशिक्षण तथा अभियान संचालन की विशेषज्ञता को भी सामने लाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- NIMAS का पूरा नाम नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स है।
- यह संस्थान अरुणाचल प्रदेश के दिरांग में स्थित है और रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करता है।
- लद्दाख भारत के उन क्षेत्रों में शामिल है जहां 6,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली कई पर्वतीय चोटियां हैं।
- 6,000 मीटर से ऊपर की पर्वतारोहण चढ़ाइयों को उच्च-ऊंचाई पर्वतारोहण माना जाता है।
लगातार तीसरा विश्व रिकॉर्ड दर्ज करने वाला यह अभियान NIMAS की विशेषज्ञता और भारत की पर्वतारोहण क्षमता को मजबूत करता है। लद्दाख की इन नई चोटियों पर पहली चढ़ाई आने वाले समय में साहसिक खेलों और उच्च-ऊंचाई प्रशिक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ बनेगी।