एशियाई खेलों में भारतीय स्क्वैश का दम, तीन पदक पक्के
एशियाई खेल 2026 में 25 सितंबर को भारतीय स्क्वैश खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पदक पक्के कर लिए। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि अनाहत सिंह और अभय सिंह ने क्रमशः महिला और पुरुष एकल के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। स्क्वैश में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाले दोनों हारने वाले खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलता है, इसलिए भारत के खाते में कम से कम तीन पदक तय हो गए।
मिश्रित युगल में जोशना-वेलावन की मजबूत जीत
मिश्रित युगल क्वार्टरफाइनल में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने फिलीपींस की जोड़ी डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो को 11-3, 11-5 से हराया। इस जीत के साथ भारतीय जोड़ी ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया और मिश्रित युगल में भारत का एक पदक सुनिश्चित कर दिया।
जोशना चिनप्पा के लिए यह उपलब्धि और भी खास रही, क्योंकि उन्होंने लगातार सातवीं बार एशियाई खेलों में हिस्सा लिया। सेमीफाइनल में पहुंचकर उन्होंने अपना छठा एशियाई खेल पदक भी पक्का किया।
एकल मुकाबलों में अनाहत और अभय ने बढ़ाया भारत का दबदबा
महिला एकल क्वार्टरफाइनल में अनाहत सिंह ने अपनी ही हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से मात दी। यह जीत भारतीय स्क्वैश के उभरते हुए चेहरे के रूप में अनाहत की मजबूत मौजूदगी को दिखाती है।
पुरुष एकल में अभय सिंह ने जापान के रयोनोसुके त्सुकुए को 11-4, 11-3, 11-6 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस परिणाम ने भारत के लिए एक और पदक का रास्ता खोल दिया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एशियाई खेलों में स्क्वैश के इवेंट्स में पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष युगल, महिला युगल और मिश्रित युगल शामिल होते हैं।
- स्क्वैश में सेमीफाइनल में पहुंचना ही पदक पक्का कर देता है, क्योंकि दोनों हारने वाले सेमीफाइनलिस्ट को कांस्य पदक मिलता है।
- स्क्वैश 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में पहली बार शामिल होगा।
- एशियाई खेल 2026 में पुरुष और महिला एकल के स्वर्ण पदक विजेता सीधे 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करेंगे।
भारत के लिए आगे की तस्वीर
भारतीय स्क्वैश के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी अहम है क्योंकि एक ही दिन में तीन अलग-अलग स्पर्धाओं में सेमीफाइनल तक पहुंचना टीम की गहराई और निरंतरता को दिखाता है। दूसरी ओर, पुरुष एकल क्वार्टरफाइनल में वीर चोत्रानी पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान से 3-1 से हार गए, जिससे उस मुकाबले में भारत की पदक उम्मीद खत्म हो गई।
फिर भी, मौजूदा नतीजे भारत के लिए उत्साहजनक हैं और यह संकेत देते हैं कि एशियाई स्तर पर भारतीय स्क्वैश की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।