सुभद्रा योजना: एक करोड़ से अधिक महिलाओं को ₹20,648 करोड़ की सहायता, अगस्त में मिलेगी पांचवीं किस्त

सुभद्रा योजना: एक करोड़ से अधिक महिलाओं को ₹20,648 करोड़ की सहायता, अगस्त में मिलेगी पांचवीं किस्त

ओडिशा सरकार की महिला सशक्तिकरण पहल सुभद्रा योजना के तहत 10 जुलाई 2026 तक एक करोड़ से अधिक महिला लाभार्थियों के खातों में चार किस्तों के माध्यम से ₹20,648 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। अब योजना की पांचवीं किस्त, जिसमें प्रत्येक पात्र महिला को ₹5,000 दिए जाएंगे, रक्षाबंधन (राखी पूर्णिमा) अगस्त 2026 के अवसर पर जारी की जाएगी। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।

सुभद्रा योजना की प्रमुख विशेषताएं

सुभद्रा योजना का शुभारंभ 17 सितंबर 2024 को भुवनेश्वर में किया गया था। यह ओडिशा सरकार की महिला-केंद्रित कल्याणकारी योजना है, जिसके तहत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को पांच वर्षों में कुल ₹50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस प्रकार प्रत्येक लाभार्थी को प्रतिवर्ष ₹10,000 की सहायता मिलती है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।

किस्तों का भुगतान और पात्रता

योजना के तहत वार्षिक ₹10,000 की सहायता दो समान किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त राखी पूर्णिमा के अवसर पर तथा दूसरी किस्त 8 मार्च, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे जमा की जाती है। अब तक इस योजना के लिए लगभग 1.15 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए हैं। सत्यापन प्रक्रिया के बाद लगभग 1.01 करोड़ महिलाओं को पांचवीं किस्त के लिए पात्र लाभार्थी के रूप में चिन्हित किया गया है।

पांचवीं किस्त की तैयारी और प्रशासनिक समीक्षा

10 जुलाई 2026 को ओडिशा की उपमुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख प्रभारी प्रवती परिदा ने पांचवीं किस्त के वितरण की तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित आवेदनों का फील्ड सत्यापन 25 जुलाई 2026 तक पूरा कर लिया जाए, ताकि पात्र महिलाओं को निर्धारित समय पर लाभ मिल सके। यह प्रक्रिया योजना की पारदर्शिता और सही लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से अपनाई जा रही है।

महिलाओं के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजनाओं का महत्व

देश के विभिन्न राज्यों में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण आधारित योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से लाभ सीधे बैंक खातों में पहुंचता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है। सुभद्रा योजना भी इसी श्रेणी की एक प्रमुख राज्य स्तरीय योजना है, जिसने बड़ी संख्या में महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सुभद्रा योजना का शुभारंभ 17 सितंबर 2024 को भुवनेश्वर में किया गया था।
  • यह योजना 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं के लिए लागू है।
  • प्रत्येक पात्र महिला को पांच वर्षों में कुल ₹50,000 तथा प्रतिवर्ष ₹10,000 की सहायता दो किस्तों में मिलती है।
  • योजना की पहली किस्त राखी पूर्णिमा और दूसरी किस्त अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) से जुड़ी हुई है।

सुभद्रा योजना ओडिशा सरकार की प्रमुख महिला कल्याण योजनाओं में से एक है, जिसने प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से लाखों महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। आगामी पांचवीं किस्त के वितरण के साथ यह योजना महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

Originally written on July 11, 2026 and last modified on July 11, 2026.

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