आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत 93.95 करोड़ से अधिक एबीएचए नंबर बने

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत 93.95 करोड़ से अधिक एबीएचए नंबर बने

भारत के राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य कार्यक्रम आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) ने डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 10 जुलाई 2026 तक इस मिशन के अंतर्गत 93.95 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) नंबर बनाए जा चुके हैं, जबकि 105 करोड़ से अधिक डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड इन खातों से जोड़े जा चुके हैं। यह मिशन देशभर में एकीकृत, सुरक्षित और रोगी-केंद्रित डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) क्या है?

आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (एबीएचए) एक विशिष्ट डिजिटल स्वास्थ्य पहचान संख्या है, जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से संग्रहीत और साझा किया जा सकता है। यह प्रणाली सहमति-आधारित (कंसेंट-बेस्ड) मॉडल पर कार्य करती है, अर्थात रोगी की अनुमति के बिना उसके स्वास्थ्य रिकॉर्ड साझा नहीं किए जा सकते। एबीएचए, राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और विभिन्न अस्पतालों तथा स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच स्वास्थ्य रिकॉर्ड के सहज आदान-प्रदान को संभव बनाता है।

राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र

राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र में डिजिटल रजिस्ट्रियां, स्वास्थ्य सूचना प्रणालियां और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए विकसित विभिन्न सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म शामिल हैं। 10 जुलाई 2026 तक एबीडीएम के अंतर्गत 5.33 लाख स्वास्थ्य सुविधाएं और 9.85 लाख स्वास्थ्य पेशेवर राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य रजिस्ट्रियों में पंजीकृत हो चुके हैं। यह डिजिटल ढांचा देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मिशन स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक और नई उपलब्धियां

10 जुलाई 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा की अध्यक्षता में एबीडीएम के तीसरे मिशन स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मिशन की प्रगति और भविष्य की रणनीति की समीक्षा की गई। इस दौरान बताया गया कि लगभग 2.72 लाख स्वास्थ्य संस्थानों ने एबीडीएम-सक्षम सॉफ्टवेयर को अपनाया है। इसके अलावा, अस्पतालों के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में तेज पंजीकरण और सहमति-आधारित स्वास्थ्य रिकॉर्ड साझा करने के लिए लगभग 24 करोड़ स्कैन एंड रजिस्टर टोकन भी जारी किए जा चुके हैं।

डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली का महत्व

डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से स्वास्थ्य रिकॉर्ड के सुरक्षित भंडारण, डेटा के आदान-प्रदान और स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित करती है। भारत की डिजिटल स्वास्थ्य संरचना में स्वास्थ्य संस्थानों, स्वास्थ्य पेशेवरों और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड के लिए एकीकृत रजिस्ट्रियां विकसित की गई हैं। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, चिकित्सकों को सटीक जानकारी और स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक दक्षता प्राप्त होती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एबीडीएम (Ayushman Bharat Digital Mission) दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों में से एक है।
  • एबीएचए (ABHA) का पूरा नाम आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट है।
  • सहमति-आधारित (कंसेंट-बेस्ड) डेटा साझा करना एबीडीएम की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है।
  • मिशन स्टीयरिंग ग्रुप एबीडीएम की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा करने वाला प्रमुख प्रशासनिक निकाय है।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और रोगी-केंद्रित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। एबीएचए नंबरों और डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि देश तेजी से डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को अपना रहा है। आने वाले समय में यह मिशन गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन और स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को नई गति प्रदान करेगा।

Originally written on July 11, 2026 and last modified on July 11, 2026.

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