लद्दाख से पहली बार संयुक्त अरब अमीरात भेजी जाएगी ताज़ी खुबानी, किसानों को मिलेगा वैश्विक बाजार

लद्दाख से पहली बार संयुक्त अरब अमीरात भेजी जाएगी ताज़ी खुबानी, किसानों को मिलेगा वैश्विक बाजार

लद्दाख 14 जुलाई 2026 को पहली बार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के लिए ताज़ी खुबानी (एप्रिकॉट) की निर्यात खेप भेजने जा रहा है। यह ऐतिहासिक पहल लद्दाख प्रशासन और लुलु रिटेल के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत शुरू की गई 1,000 मीट्रिक टन खुबानी निर्यात योजना का हिस्सा है। इस पहल का उद्देश्य लद्दाख के उच्च गुणवत्ता वाले फलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना, किसानों की आय में वृद्धि करना और क्षेत्र की बागवानी अर्थव्यवस्था को नई पहचान दिलाना है। पहली खेप के लिए विशेष कार्गो विमान 14 जुलाई 2026 को दिल्ली से यूएई के लिए रवाना होगा।

लद्दाख में खुबानी उत्पादन का महत्व

लद्दाख की ठंडी मरुस्थलीय जलवायु उच्च गुणवत्ता वाली खुबानी उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल मानी जाती है। यहां की जलवायु और ऊंचाई ऐसी फल किस्मों के लिए उपयुक्त है, जो कठिन मौसम में भी उत्कृष्ट गुणवत्ता बनाए रखती हैं। निर्यात योजना में जीआई टैग प्राप्त ‘रक्तसे करपो’ (Raktsey Karpo) खुबानी और स्थानीय हलमान (Halman) किस्म को शामिल किया गया है। ये दोनों किस्में अपने स्वाद, गुणवत्ता और पोषण गुणों के कारण लद्दाख की फल अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और स्थानीय किसानों की आजीविका से सीधे जुड़ी हुई हैं।

निर्यात में संस्थागत सहयोग

इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की महत्वपूर्ण भूमिका है। वहीं, यूएई स्थित लुलु रिटेल किसानों से सीधे खुबानी खरीदने, उसके प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विदेशी बाजारों में विपणन की जिम्मेदारी निभाएगा। दूसरी ओर, लद्दाख प्रशासन संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला के समन्वय, किसानों से उत्पाद संग्रह और निर्यात व्यवस्था को सुचारु बनाने का कार्य कर रहा है।

परिवहन और गुणवत्ता प्रबंधन

पहली निर्यात खेप को सुरक्षित और ताज़ा बनाए रखने के लिए विशेष कार्गो विमान की व्यवस्था की गई है। 10 जुलाई 2026 को लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने खरीद, ग्रेडिंग, छंटाई, पैकेजिंग, परिवहन और निर्यात की तैयारियों की समीक्षा की। इस परियोजना में फसल कटाई के बाद की प्रक्रियाओं (Post-Harvest Management) पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पाद विदेशी बाजारों तक पहुंच सके।

किसानों के लिए नई संभावनाएं

इस योजना के तहत 1,000 मीट्रिक टन खुबानी निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह पिछले दो वर्षों में निर्यात की गई लगभग 1,500 किलोग्राम खुबानी की तुलना में कई गुना अधिक है। लुलु रिटेल द्वारा किसानों से सीधे खरीद की व्यवस्था होने से उन्हें बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है। साथ ही, वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलने से लद्दाख के बागवानी क्षेत्र को नई पहचान और आर्थिक मजबूती मिलेगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • रक्तसे करपो (Raktsey Karpo) लद्दाख की जीआई टैग प्राप्त प्रसिद्ध खुबानी की किस्म है।
  • एपीडा (APEDA) का पूर्ण रूप कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण है।
  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय भारत सरकार का एक केंद्रीय मंत्रालय है।
  • लुलु ग्रुप संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थित एक प्रमुख रिटेल और हाइपरमार्केट समूह है।
  • लद्दाख की ठंडी और शुष्क जलवायु उच्च गुणवत्ता वाली खुबानी उत्पादन के लिए अत्यंत उपयुक्त मानी जाती है।

लद्दाख से पहली बार ताज़ी खुबानी का निर्यात क्षेत्र की कृषि और बागवानी अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह पहल स्थानीय किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, उनकी आय बढ़ाने और भारत के कृषि निर्यात को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, जीआई टैग प्राप्त लद्दाखी फलों को वैश्विक पहचान मिलने से भविष्य में अन्य कृषि उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।

Originally written on July 14, 2026 and last modified on July 14, 2026.

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