महत्वपूर्ण खनिजों के 20 ब्लॉकों की आठवीं नीलामी शुरू
केंद्र सरकार ने 15 जुलाई 2026 को देश में महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के 20 ब्लॉकों की नीलामी का आठवां चरण शुरू किया। ये खनिज ब्लॉक आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल सहित नौ राज्यों में स्थित हैं। इस पहल का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों के लिए आवश्यक खनिजों की घरेलू उपलब्धता बढ़ाना तथा आयात निर्भरता कम करना है।
आठवें चरण में शामिल खनिज ब्लॉक
नीलामी के आठवें चरण में कुल 20 ब्लॉक शामिल किए गए हैं। इनमें 13 नए पहचाने गए खनिज ब्लॉक हैं, जबकि सात ब्लॉकों को पिछली नीलामियों के बाद दोबारा प्रस्तुत किया गया है। इन ब्लॉकों में दुर्लभ मृदा तत्व, लिथियम, ग्रेफाइट, टंगस्टन, वैनेडियम, मोलिब्डेनम, गैलियम, टाइटेनियम, फॉस्फोराइट, पोटाश, सीजियम और रूबिडियम जैसे महत्वपूर्ण खनिज मौजूद हैं। इनका उपयोग बैटरियों, शक्तिशाली चुंबकों, विशेष मिश्रधातुओं, उर्वरकों, रक्षा उपकरणों और उच्च तकनीक वाले औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है।
नीलामी प्रक्रिया और समयसीमा
नीलामी के लिए निविदा दस्तावेजों की बिक्री 15 जुलाई 2026 से शुरू हुई और इसके लिए 14 सितंबर 2026 अंतिम तिथि निर्धारित की गई। तकनीकी बोलियां जमा करने की समयसीमा 21 सितंबर 2026 रखी गई है। केंद्र सरकार अब तक नीलामी के लिए कुल 88 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक प्रस्तुत कर चुकी है। इनमें से 56 ब्लॉकों की सफल नीलामी हो चुकी है। इस प्रकार महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी की सफलता दर 63 प्रतिशत से अधिक रही है। यह खनन क्षेत्र में निजी निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
महत्वपूर्ण खनिजों का रणनीतिक महत्व
महत्वपूर्ण खनिज ऐसे प्राकृतिक संसाधन हैं, जिनकी उपलब्धता आधुनिक अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक होती है। लिथियम का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों तथा ऊर्जा भंडारण प्रणालियों की पुनर्भरण योग्य बैटरियों में किया जाता है। ग्रेफाइट बैटरियों के ऋणाग्र, अग्निरोधी पदार्थों और स्नेहकों का महत्वपूर्ण घटक है। दुर्लभ मृदा तत्व इलेक्ट्रॉनिक्स, पवन टर्बाइन, शक्तिशाली चुंबक और रक्षा प्रणालियों के निर्माण में उपयोग किए जाते हैं। टंगस्टन अपनी कठोरता और उच्च गलनांक के कारण औद्योगिक औजारों तथा रक्षा उपकरणों में उपयोगी है। वैनेडियम का प्रयोग इस्पात मिश्रधातुओं और बड़े ऊर्जा भंडारण तंत्रों में किया जाता है।
खनिज नीलामी नियमों में सुधार
खनिज नीलामी प्रक्रिया को अधिक सरल और तेज बनाने के लिए वर्ष 2026 में खनिज नीलामी नियमों में संशोधन किया गया। इन सुधारों का उद्देश्य व्यवसाय करने में आसानी बढ़ाना, नीलामी के बाद खदानों को शीघ्र चालू करना और अनावश्यक प्रक्रियागत देरी कम करना है। भारत में खनिज ब्लॉकों का आवंटन प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। इससे प्राकृतिक संसाधनों के आवंटन में पारदर्शिता बढ़ती है और सरकार को बेहतर राजस्व प्राप्त होता है। घरेलू खनिज उत्पादन बढ़ने से बैटरी, स्वच्छ ऊर्जा और रक्षा उद्योगों की आपूर्ति शृंखला भी मजबूत हो सकती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- दुर्लभ मृदा तत्व 17 समान रासायनिक गुणों वाले तत्वों का समूह है।
- लिथियम का व्यापक उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन और ऊर्जा भंडारण बैटरियों में होता है।
- ग्रेफाइट बैटरी के ऋणाग्र, अग्निरोधी पदार्थ और स्नेहक बनाने में उपयोग किया जाता है।
- वैनेडियम इस्पात मिश्रधातुओं को मजबूत बनाने और ऊर्जा भंडारण तकनीकों में सहायक होता है।
महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की आठवीं नीलामी भारत की खनिज सुरक्षा और औद्योगिक आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। घरेलू संसाधनों की खोज और उत्पादन बढ़ने से स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा तथा उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों को स्थिर आपूर्ति मिल सकेगी। साथ ही नवंबर 2026 में नई दिल्ली में प्रस्तावित भारत खनन सप्ताह जैसे आयोजनों से खनन क्षेत्र में निवेश, तकनीकी सहयोग और वैश्विक भागीदारी को और प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।