भारत-फ्रांस ने अपनाया इनोवेशन रोडमैप 2030, आर्थिक सुरक्षा संवाद की भी शुरुआत

भारत-फ्रांस ने अपनाया इनोवेशन रोडमैप 2030, आर्थिक सुरक्षा संवाद की भी शुरुआत

भारत और फ्रांस ने 14 जून 2026 को फ्रांस के नीस शहर में आयोजित द्विपक्षीय वार्ता के दौरान इनोवेशन रोडमैप 2030 को अपनाने और आर्थिक सुरक्षा संवाद (Dialogue on Economic Security) शुरू करने की घोषणा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई इस बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप, व्यापार, शिक्षा, डिजिटल भुगतान और उभरती प्रौद्योगिकियों सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने कुल 13 प्रमुख परिणामों की घोषणा की, जो भविष्य की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं।

क्या है इनोवेशन रोडमैप 2030?

इनोवेशन रोडमैप 2030 भारत और फ्रांस के बीच एक दीर्घकालिक सहयोगी ढांचा है, जिसका उद्देश्य नवाचार, उभरती प्रौद्योगिकियों और अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देना है। इस रोडमैप के तहत दोनों देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र, डिजिटल नवाचार और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्र में मिलकर कार्य करेंगे। इसका लक्ष्य अनुसंधान, निवेश और तकनीकी विकास के नए अवसरों को बढ़ावा देना है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर संयुक्त कार्य समूह

बैठक के दौरान भारत और फ्रांस ने एक संयुक्त भारत-फ्रांस एआई कार्य समूह (Joint India-France AI Working Group) स्थापित करने पर भी सहमति व्यक्त की। यह समूह कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित तकनीकी सहयोग, अनुसंधान, नीति निर्माण और वैश्विक एआई शासन (Global AI Governance) से जुड़े मुद्दों पर कार्य करेगा। तेजी से विकसित हो रही एआई तकनीक के संदर्भ में यह सहयोग दोनों देशों के लिए रणनीतिक महत्व रखता है।

आर्थिक सुरक्षा संवाद की शुरुआत

दोनों देशों ने आर्थिक सुरक्षा संवाद की भी शुरुआत की, जिसका उद्देश्य वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है। इस संवाद के तहत महत्वपूर्ण खनिजों, सेमीकंडक्टर, उन्नत प्रौद्योगिकियों, ऊर्जा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए एक उच्चस्तरीय तंत्र स्थापित किया जाएगा, जो अगले पांच वर्षों में भारत-फ्रांस द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य को समर्थन देगा।

व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

भारत और फ्रांस ने आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई है। दोनों देशों का मानना है कि प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, ऊर्जा और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। व्यापार और निवेश के विस्तार से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिलने के साथ-साथ नई रोजगार संभावनाएं भी विकसित हो सकती हैं।

शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क

फ्रांस ने वर्ष 2030 तक अपने यहां 30,000 भारतीय छात्रों को आकर्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। दोनों देशों ने छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए सहयोग जारी रखने की भी पुष्टि की। शिक्षा और अनुसंधान क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

नवाचार संस्थानों के बीच समझौते

भारत और फ्रांस के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े संस्थानों के बीच कुल 19 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य अनुसंधान, स्टार्टअप विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इससे दोनों देशों के नवाचार तंत्र के बीच सहयोग और मजबूत होगा।

स्टार्टअप और डिजिटल भुगतान सहयोग

भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) प्रणाली के फ्रांस में उपयोग की संभावनाओं को और विस्तारित करने पर भी सहमति बनी। साथ ही, 10 अतिरिक्त भारतीय स्टार्टअप्स को पेरिस स्थित स्टेशन एफ में इनक्यूबेशन सुविधा प्रदान की जाएगी। स्टेशन एफ यूरोप के सबसे बड़े स्टार्टअप परिसरों में से एक माना जाता है और यह निवेशकों तथा वैश्विक बाजारों तक पहुंच प्रदान करता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारत और फ्रांस दोनों जी-20 समूह के सदस्य देश हैं।
  • इनोवेशन रोडमैप 2030 उभरती प्रौद्योगिकियों और नवाचार सहयोग के लिए द्विपक्षीय ढांचा है।
  • संयुक्त भारत-फ्रांस एआई कार्य समूह कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उसके वैश्विक शासन पर कार्य करेगा।
  • यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) भारत की रियल-टाइम डिजिटल भुगतान प्रणाली है।
  • स्टेशन एफ पेरिस में स्थित यूरोप के सबसे बड़े स्टार्टअप परिसरों में से एक है।
  • महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) बैटरियों, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में उपयोग किए जाते हैं।
  • फ्रांस ने वर्ष 2030 तक 30,000 भारतीय छात्रों की मेजबानी का लक्ष्य रखा है।

भारत और फ्रांस के बीच हुआ यह समझौता नवाचार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाई प्रदान करेगा। इनोवेशन रोडमैप 2030 और आर्थिक सुरक्षा संवाद दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के साथ-साथ भविष्य की वैश्विक चुनौतियों का संयुक्त रूप से सामना करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।

Originally written on June 15, 2026 and last modified on June 15, 2026.

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