भारत और फ्रांस ने पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य तय किया
भारत और फ्रांस ने अगले पांच वर्षों में अपने वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को लगभग 16 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़ाकर 32 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह घोषणा 14 जून 2026 को फ्रांस के नीस शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान की गई। इस निर्णय को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत-फ्रांस व्यापार संबंधों की वर्तमान स्थिति
भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच व्यापार का कुल मूल्य लगभग 15.81 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। फ्रांस वर्तमान में यूरोपीय संघ के भीतर भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। इस सूची में नीदरलैंड और जर्मनी क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं। विशेष बात यह है कि पिछले एक दशक में भारत और फ्रांस के बीच व्यापारिक मूल्य लगभग दोगुना हो चुका है, जो दोनों देशों के बढ़ते आर्थिक सहयोग को दर्शाता है।
व्यापार लक्ष्य प्राप्त करने के लिए उच्चस्तरीय तंत्र
व्यापार लक्ष्य को हासिल करने के लिए दोनों देशों ने एक उच्चस्तरीय तंत्र (High-Level Mechanism) स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की है। ऐसे तंत्र का उपयोग आमतौर पर द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों की निगरानी, निवेश प्रवाह को बढ़ावा देने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा के लिए किया जाता है। यह व्यवस्था व्यापारिक बाधाओं को कम करने, नए अवसरों की पहचान करने और आर्थिक साझेदारी को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता करेगी।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का प्रभाव
जनवरी 2026 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement – FTA) संपन्न हुआ था। मुक्त व्यापार समझौते ऐसे अंतरराष्ट्रीय समझौते होते हैं, जिनका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना होता है। इसके तहत शुल्कों (Tariffs) में कमी, बाजार तक आसान पहुंच और निवेश संबंधी नियमों को सरल बनाया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-यूरोपीय संघ एफटीए भारत और फ्रांस के बीच व्यापार वृद्धि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
नीस बैठक के अन्य प्रमुख परिणाम
नीस में हुई बैठक के दौरान दोनों देशों ने कुल 13 महत्वपूर्ण परिणामों की घोषणा की। इनमें इनोवेशन रोडमैप 2030 को अपनाना, संयुक्त भारत-फ्रांस कृत्रिम बुद्धिमत्ता कार्य समूह (AI Working Group) की स्थापना और आर्थिक सुरक्षा संवाद (Economic Security Dialogue) शुरू करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य उभरती प्रौद्योगिकियों, नवाचार, आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को मजबूत करना है।
रणनीतिक साझेदारी को मिलेगा बल
भारत और फ्रांस ने वर्ष 1998 में रणनीतिक साझेदारी स्थापित की थी। तब से दोनों देश रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और वैश्विक शासन जैसे क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग कर रहे हैं। व्यापार को दोगुना करने का नया लक्ष्य इस व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आर्थिक क्षेत्र में और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास है।
उभरती प्रौद्योगिकियों पर सहयोग
बैठक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग को भी विशेष महत्व दिया गया। महत्वपूर्ण खनिजों में लिथियम, कोबाल्ट, निकल और दुर्लभ मृदा तत्व (Rare Earth Elements) शामिल हैं, जिनका उपयोग बैटरियों, इलेक्ट्रॉनिक्स और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में किया जाता है। इन क्षेत्रों में सहयोग भविष्य की तकनीकी और औद्योगिक आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत और फ्रांस ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 16 अरब डॉलर से बढ़ाकर 32 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है।
- वर्ष 2025-26 में भारत-फ्रांस व्यापार लगभग 15.81 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
- फ्रांस यूरोपीय संघ में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
- भारत और फ्रांस ने वर्ष 1998 में रणनीतिक साझेदारी स्थापित की थी।
- जनवरी 2026 में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता संपन्न हुआ।
- फ्रांस यूरोपीय संघ और यूरो क्षेत्र (Euro Area) का सदस्य देश है।
- लिथियम, कोबाल्ट, निकल और दुर्लभ मृदा तत्व महत्वपूर्ण खनिजों की श्रेणी में आते हैं।
भारत और फ्रांस द्वारा निर्धारित यह नया व्यापार लक्ष्य दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने वाला कदम है। उच्चस्तरीय आर्थिक सहयोग, मुक्त व्यापार समझौते के लाभ और उभरती प्रौद्योगिकियों में साझेदारी के माध्यम से दोनों देश आने वाले वर्षों में व्यापार, निवेश और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हासिल कर सकते हैं।