पीएम सूर्य घर योजना को विश्व बैंक से 890 मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता

पीएम सूर्य घर योजना को विश्व बैंक से 890 मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता

भारत में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक मंडल ने 9 और 10 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के लिए 890 मिलियन अमेरिकी डॉलर के वित्तीय पैकेज को मंजूरी दी। यह सहायता देशभर के ग्रामीण और शहरी परिवारों में आवासीय रूफटॉप सोलर सिस्टम के विस्तार को गति देने के उद्देश्य से दी गई है। इस पहल से न केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार सृजन और निजी निवेश में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

क्या है पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना?

प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना भारत सरकार की प्रमुख आवासीय रूफटॉप सोलर योजना है। इसका उद्देश्य देश के लगभग एक करोड़ (10 मिलियन) घरों में छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करना है। इन सौर प्रणालियों के माध्यम से परिवार अपनी आवश्यक बिजली का उत्पादन कर सकेंगे तथा अतिरिक्त बिजली को ग्रिड से जोड़कर उपयोग में ला सकेंगे। यह योजना बिजली खर्च कम करने के साथ-साथ स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

वित्तीय पैकेज की संरचना

विश्व बैंक द्वारा स्वीकृत 890 मिलियन डॉलर के पैकेज में 820 मिलियन डॉलर का ऋण अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (आईबीआरडी) से, 60 मिलियन डॉलर का रियायती ऋण क्लीन टेक्नोलॉजी फंड से तथा 10 मिलियन डॉलर का अनुदान लिवेबल प्लैनेट फंड से प्रदान किया जाएगा। इस वित्तीय सहायता का उपयोग आवासीय रूफटॉप सोलर परियोजनाओं के विस्तार के साथ-साथ संबंधित संस्थागत क्षमता को मजबूत करने में किया जाएगा।

स्वच्छ ऊर्जा और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

इस कार्यक्रम के माध्यम से आवासीय सौर परियोजनाओं के लिए वाणिज्यिक ऋण के जरिए लगभग 4.2 अरब अमेरिकी डॉलर के अतिरिक्त निजी निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, सौर ऊर्जा उपकरणों के निर्माण, स्थापना, रखरखाव और अन्य सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में लगभग 17 लाख नए रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इससे नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूती मिलेगी।

कार्यान्वयन और भारत के ऊर्जा लक्ष्य

यह वित्तीय सहायता परिवारों के लिए सौर संयंत्र लगाने में आने वाली आर्थिक बाधाओं को कम करने के साथ-साथ बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम), बैंकों और अधिकृत विक्रेताओं की क्षमता विकसित करने पर भी केंद्रित है। डिस्कॉम भारत की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और उपभोक्ता सेवा नेटवर्क की प्रमुख कड़ी हैं। भारत ने वर्ष 2070 तक शुद्ध शून्य (नेट-जीरो) उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। साथ ही वर्ष 2035 तक देश की कुल विद्युत क्षमता में गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य भी रखा गया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना इन राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (आईबीआरडी) विश्व बैंक समूह की पांच प्रमुख संस्थाओं में से एक है।
  • क्लीन टेक्नोलॉजी फंड, क्लाइमेट इन्वेस्टमेंट फंड्स के अंतर्गत संचालित एक बहुपक्षीय जलवायु वित्त तंत्र है।
  • रूफटॉप सोलर प्रणाली भवनों की छतों पर स्थापित की जाती है और उपभोग स्थल के निकट ही बिजली का उत्पादन करती है।
  • विश्व बैंक समूह सदस्य देशों में विकास परियोजनाओं के लिए ऋण, रियायती वित्त और अनुदान उपलब्ध कराता है।

विश्व बैंक की यह वित्तीय सहायता भारत में स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से लाखों परिवार सस्ती और स्वच्छ बिजली का लाभ उठा सकेंगे, जबकि देश ऊर्जा सुरक्षा, हरित विकास और जलवायु लक्ष्यों की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ेगा।

Originally written on July 10, 2026 and last modified on July 10, 2026.

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