नमस्ते योजना: सीवर और सेप्टिक टैंक सफाई कर्मियों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण पहल
भारत सरकार ने जुलाई 2023 में राष्ट्रीय यांत्रिक स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र कार्रवाई (नमस्ते – नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम) योजना की शुरुआत की। यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय संयुक्त रूप से लागू कर रहे हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, खतरनाक मैनुअल सफाई की जगह मशीनों का उपयोग बढ़ाना तथा स्वच्छता कार्यों को पूरी तरह सुरक्षित और आधुनिक बनाना है।
नमस्ते योजना की प्रमुख विशेषताएं
नमस्ते योजना विशेष रूप से उन स्वच्छता कर्मियों के लिए बनाई गई है जो सीवर, सेप्टिक टैंक और अन्य जोखिमपूर्ण स्वच्छता कार्यों में लगे हुए हैं। इसका उद्देश्य मानव मल के सीधे संपर्क को समाप्त कर मशीनों और आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के माध्यम से सफाई कार्य कराना है। योजना के तहत नगर निगमों और जिलों में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट (ईआरएसयू) स्थापित करने का भी प्रावधान किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रशिक्षित कर्मियों और सुरक्षा उपकरणों के साथ सुरक्षित तरीके से सफाई कार्य किया जा सके।
कवरेज, सुरक्षा उपकरण और वित्तीय सहायता
14 जुलाई 2026 तक इस योजना के अंतर्गत 90,942 सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों की प्रोफाइल तैयार की जा चुकी थी, जिनमें से 89,248 का सत्यापन भी पूरा हो चुका है। 15 जुलाई 2026 तक 87,037 व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट स्वच्छता कर्मियों को वितरित की गईं, जबकि 76,000 से अधिक कर्मियों को विभिन्न स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के दायरे में लाया गया। अप्रैल 2026 तक 753 सुरक्षा उपकरण इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिटों को भेजे जा चुके थे। योजना के तहत प्रत्येक इमरजेंसी रिस्पॉन्स सैनिटेशन यूनिट को सुरक्षा उपकरणों की खरीद के लिए अधिकतम ₹2 लाख तक की प्रतिपूर्ति आधारित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके अतिरिक्त स्वच्छता संबंधी वाहन एवं उपकरण खरीदने के लिए अधिकतम ₹5 लाख तक की पूंजीगत सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। यह सहायता संबंधित प्राधिकरणों की नियुक्ति और कर्मियों के प्रशिक्षण जैसी निर्धारित शर्तों के अधीन दी जाती है।
कार्यान्वयन और स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा
जुलाई 2025 में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 45,871 पीपीई किट तथा 354 सुरक्षा उपकरण किट उपलब्ध कराई गई थीं। इसके बाद 10 सितंबर 2025 तक यह संख्या बढ़कर 83,901 पीपीई किट और 555 सुरक्षा उपकरण किट हो गई। योजना में स्वच्छता कर्मियों के लिए नियमित प्रशिक्षण, मशीनों के माध्यम से सफाई कार्य, आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता तथा शहरी स्थानीय निकायों में सुरक्षित कार्य व्यवस्था विकसित करने पर विशेष बल दिया गया है। इससे न केवल कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि स्वच्छता कर्मियों के स्वास्थ्य और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- नमस्ते (एनएएमएएसटीई) का पूरा नाम नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम है।
- यह केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसकी शुरुआत जुलाई 2023 में की गई थी।
- योजना का संचालन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय संयुक्त रूप से करते हैं।
- व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) ऐसे सुरक्षा उपकरण होते हैं जो कार्यस्थल पर कर्मचारियों को जोखिमों से बचाने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
नमस्ते योजना भारत में स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक कल्याण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मशीन आधारित स्वच्छता प्रणाली, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता के माध्यम से यह योजना खतरनाक मैनुअल सफाई को समाप्त करने तथा आधुनिक, सुरक्षित और मानवीय स्वच्छता व्यवस्था स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।