तुषार मेहता तीन वर्ष के लिए फिर बने भारत के सॉलिसिटर जनरल
केंद्र सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता तुषार मेहता को भारत के सॉलिसिटर जनरल के रूप में पुनः नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। 20 जून 2026 को मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उनके पुनर्नियुक्ति प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उनका नया कार्यकाल 1 जुलाई 2026 से शुरू होगा और अगले तीन वर्षों तक जारी रहेगा। इस नियुक्ति के साथ तुषार मेहता केंद्र सरकार के दूसरे सबसे वरिष्ठ विधि अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।
सॉलिसिटर जनरल का पद और महत्व
सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया भारत सरकार के विधि अधिकारियों की व्यवस्था में अटॉर्नी जनरल के बाद दूसरा सर्वोच्च पद है। यह पद केंद्र सरकार को विभिन्न संवैधानिक, कानूनी और न्यायिक मामलों में सलाह देने तथा सर्वोच्च न्यायालय सहित अन्य न्यायालयों में सरकार का पक्ष रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। सॉलिसिटर जनरल के साथ अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और अन्य सरकारी अधिवक्ता भी कार्य करते हैं, जो विभिन्न न्यायिक मामलों में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह व्यवस्था सरकार के कानूनी हितों की रक्षा और न्यायिक प्रक्रियाओं में प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करती है।
तुषार मेहता का कार्यकाल
तुषार मेहता ने पहली बार अक्टूबर 2018 में भारत के सॉलिसिटर जनरल का पद संभाला था। इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण संवैधानिक और राष्ट्रीय महत्व के मामलों में केंद्र सरकार का पक्ष रखा। नए तीन वर्षीय कार्यकाल के पूरा होने तक उनका कुल कार्यकाल लगभग 11 वर्ष का हो जाएगा, जो इस पद पर लंबे समय तक सेवा देने वाले अधिकारियों में उन्हें शामिल करेगा। उनकी पुनर्नियुक्ति को सरकार की ओर से उनके अनुभव, कानूनी विशेषज्ञता और न्यायालयों में प्रभावी प्रस्तुति पर विश्वास के रूप में देखा जा रहा है।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरलों की भी पुनर्नियुक्ति
मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने सर्वोच्च न्यायालय के लिए पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरलों की पुनर्नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। विक्रमजीत बनर्जी और के.एम. नटराज का नया कार्यकाल 1 जुलाई 2026 से शुरू होगा। वहीं सूर्यप्रकाश वी. राजू, एन. वेंकटरमण और ऐश्वर्या भाटी का नया कार्यकाल 30 जून 2026 से प्रभावी होगा। ये सभी अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय में केंद्र सरकार के मामलों की पैरवी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दिल्ली उच्च न्यायालय में कार्यकाल विस्तार
इसके अतिरिक्त दिल्ली उच्च न्यायालय के लिए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा के कार्यकाल को भी छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। उनका विस्तारित कार्यकाल 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगा। यह निर्णय न्यायिक मामलों में निरंतरता बनाए रखने और लंबित मामलों के प्रभावी संचालन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारत का सॉलिसिटर जनरल केंद्र सरकार का दूसरा सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है।
- अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया केंद्र सरकार का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है।
- तुषार मेहता पहली बार अक्टूबर 2018 में सॉलिसिटर जनरल नियुक्त हुए थे।
- अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सर्वोच्च न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
तुषार मेहता की पुनर्नियुक्ति केंद्र सरकार की विधिक व्यवस्था में स्थिरता और अनुभव की निरंतरता को दर्शाती है। आने वाले वर्षों में वे महत्वपूर्ण संवैधानिक, प्रशासनिक और राष्ट्रीय महत्व के मामलों में सरकार का पक्ष रखते हुए न्यायिक प्रणाली में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे। साथ ही अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरलों की पुनर्नियुक्ति भी केंद्र सरकार के कानूनी ढांचे को और मजबूत बनाएगी।