एफएसएसएआई ने वीगन खाद्य उत्पादों के लिए मानकीकृत लोगो अनिवार्य किया
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 1 जुलाई 2027 से अनुमोदित वीगन खाद्य उत्पादों के पैकेज पर एक मानकीकृत वीगन लोगो प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। यह प्रावधान खाद्य सुरक्षा एवं मानक (वीगन फूड्स) संशोधन विनियम, 2026 के अंतर्गत लागू किया गया है, जिसे 21 मई 2026 को अधिसूचित किया गया था। यह संशोधन वर्ष 2022 में बनाए गए वीगन खाद्य विनियमों में बदलाव के रूप में सामने आया है और इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को स्पष्ट एवं विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराना है।
एफएसएसएआई के अनुसार वीगन खाद्य क्या है?
एफएसएसएआई के नियमों के अनुसार वीगन खाद्य वह उत्पाद है जिसमें किसी भी प्रकार की पशु-उत्पत्ति वाली सामग्री, योजक या प्रसंस्करण सहायक का उपयोग नहीं किया गया हो। इसके अतिरिक्त ऐसे उत्पादों के निर्माण में पशुओं पर परीक्षण भी नहीं किया जाना चाहिए, सिवाय उन मामलों के जहां किसी नियामक प्राधिकरण द्वारा परीक्षण अनिवार्य किया गया हो। इस परिभाषा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वीगन उत्पाद वास्तव में पशु-आधारित तत्वों से मुक्त हों और उपभोक्ताओं को सही जानकारी प्राप्त हो सके।
वीगन लोगो की विशेषताएं
एफएसएसएआई द्वारा निर्धारित आधिकारिक वीगन लोगो एक हरे रंग के वर्गाकार फ्रेम में बनाया गया है। इसमें एक विशेष शैली का “V”, एक अंकुरित पत्ती का प्रतीक और उसके नीचे “VEGAN” शब्द प्रदर्शित किया गया है। प्राधिकरण ने लोगो के आकार, रंग और डिजाइन से संबंधित विस्तृत मानक भी निर्धारित किए हैं ताकि सभी खाद्य उत्पादों पर एक समान पहचान सुनिश्चित की जा सके। इससे उपभोक्ताओं को वीगन उत्पादों की पहचान करने में आसानी होगी।
खाद्य व्यवसाय संचालकों के लिए अनुपालन
खाद्य व्यवसाय संचालकों (एफबीओ) को नए नियमों के अनुरूप अपने पैकेजिंग और लेबलिंग सिस्टम में आवश्यक बदलाव करने के लिए 1 जुलाई 2027 तक का समय दिया गया है। नियमों के अनुसार वीगन और गैर-वीगन उत्पादों के लिए अलग उत्पादन लाइनें बनाए रखना आवश्यक होगा। यदि दोनों प्रकार के उत्पादों के लिए समान उपकरणों का उपयोग किया जाता है, तो क्रॉस-कंटैमिनेशन रोकने के लिए पूरी तरह से सफाई और नियंत्रण उपाय अपनाने होंगे।
आयातित वीगन उत्पादों पर भी लागू होंगे नियम
भारत में बेचे जाने वाले आयातित वीगन खाद्य उत्पादों को भी एफएसएसएआई के निर्धारित वीगन लोगो का उपयोग करना होगा। साथ ही उन्हें निर्यातक देश की मान्यता प्राप्त संस्था द्वारा जारी प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत करना होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि उत्पाद वास्तव में वीगन मानकों का पालन करते हैं। यह कदम घरेलू और आयातित उत्पादों के लिए समान मानकों को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उपभोक्ताओं और उद्योग को लाभ
मानकीकृत वीगन लोगो से उपभोक्ताओं को उत्पाद चयन में अधिक पारदर्शिता मिलेगी। बढ़ती स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण की सोच के बीच वीगन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में स्पष्ट लेबलिंग से उपभोक्ताओं का विश्वास भी मजबूत होगा। इसके अलावा खाद्य उद्योग को भी एक समान मानक मिलने से उत्पादों की पहचान और विपणन में सुविधा होगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एफएसएसएआई की स्थापना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत की गई थी।
- भारत में खाद्य सुरक्षा एवं मानक (वीगन फूड्स) विनियम पहली बार वर्ष 2022 में लागू किए गए थे।
- वीगन खाद्य उत्पादों में किसी भी प्रकार की पशु-उत्पत्ति वाली सामग्री का उपयोग नहीं किया जाता।
- क्रॉस-कंटैमिनेशन नियंत्रण खाद्य प्रसंस्करण और पैकेजिंग प्रणालियों का एक महत्वपूर्ण मानक है।
एफएसएसएआई द्वारा वीगन खाद्य उत्पादों के लिए मानकीकृत लोगो अनिवार्य करना उपभोक्ता हितों की सुरक्षा और खाद्य लेबलिंग में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल भारत में वीगन खाद्य उद्योग को अधिक संगठित और विश्वसनीय बनाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।