अवैध घुसपैठ रोकने के लिए बनेगा हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन

अवैध घुसपैठ रोकने के लिए बनेगा हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन

केंद्र सरकार ने अवैध प्रवासन, घुसपैठ और सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय बदलावों से निपटने के लिए हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन शुरू करने की योजना बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2025 के स्वतंत्रता दिवस संबोधन में इस मिशन की घोषणा की थी। 22 मई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस मिशन की औपचारिक घोषणा जल्द की जाएगी।

क्या है डेमोग्राफी मिशन

डेमोग्राफी का अर्थ जनसंख्या की संरचना, वितरण, घनत्व और प्रवासन संबंधी आंकड़ों के अध्ययन से है। प्रस्तावित मिशन का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ के मार्गों की पहचान करना और बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करना है। यह मिशन विशेष रूप से भारत-बांग्लादेश और भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा।

सीमा सुरक्षा बल की भूमिका

भारत में सीमा प्रबंधन की जिम्मेदारी मुख्य रूप से सीमा सुरक्षा बल के पास है। बीएसएफ भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमाओं की सुरक्षा करता है, जिनकी कुल लंबाई लगभग 6,000 किलोमीटर है। सरकार द्वारा चिन्हित घुसपैठ बिंदुओं पर बीएसएफ कर्मियों की तैनाती और निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।

निर्वासन नीति और राज्यों की जिम्मेदारी

गृह मंत्रालय ने अप्रैल 2026 तक एक व्यापक निर्वासन नीति लागू की थी। इसके तहत राज्यों को जिला स्तर पर विशेष कार्य बल गठित करने का निर्देश दिया गया है। इनका कार्य अवैध प्रवासियों की पहचान, सत्यापन और निर्वासन प्रक्रिया को पूरा करना होगा। विशेष रूप से बांग्लादेश और म्यांमार से आए अवैध प्रवासियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

होल्डिंग सेंटर और सत्यापन प्रक्रिया

नीति के अनुसार अवैध प्रवासियों के लिए विशेष होल्डिंग सेंटर बनाए जाएंगे, जहां उन्हें निर्वासन तक रखा जाएगा। इन केंद्रों की सुरक्षा के लिए 10 फीट ऊंची कंटीली तार की घेराबंदी की जाएगी। संदिग्ध बांग्लादेशी और म्यांमार नागरिकों की राष्ट्रीयता सत्यापन प्रक्रिया को 90 दिनों के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा।

स्मार्ट बॉर्डर परियोजना

सरकार अगले एक वर्ष में स्मार्ट बॉर्डर परियोजना लागू करने की तैयारी कर रही है। इसमें ड्रोन रडार, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और आधुनिक निगरानी उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। भारत पहले से ही कई संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में बाड़, फ्लडलाइट, थर्मल इमेजिंग और गश्ती प्रणाली का उपयोग कर रहा है।

भारत-बांग्लादेश संबंधों में मुद्दा

विदेश मंत्रालय ने 7 मई 2026 को कहा था कि अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की वापसी भारत-बांग्लादेश संबंधों का महत्वपूर्ण मुद्दा है। मंत्रालय ने कम से कम 2,862 पहचाने गए अवैध प्रवासियों के सत्यापन और प्रत्यावर्तन में सहयोग की मांग भी की है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

” सीमा सुरक्षा बल की स्थापना वर्ष 1965 में हुई थी। ” बीएसएफ गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। ” भारत-बांग्लादेश सीमा लगभग 4,096 किलोमीटर लंबी है। ” डेमोग्राफी जनसंख्या संरचना और प्रवासन के अध्ययन को कहा जाता है। हाई-पावर्ड डेमोग्राफी मिशन को भारत की सीमा सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। आधुनिक तकनीक और सख्त निगरानी के माध्यम से सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलावों पर नियंत्रण मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

Originally written on May 23, 2026 and last modified on May 23, 2026.

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