केरल में महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए प्रियदर्शिनी मुफ्त बस यात्रा योजना शुरू

केरल में महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए प्रियदर्शिनी मुफ्त बस यात्रा योजना शुरू

केरल सरकार ने 15 जून 2026 को प्रियदर्शिनी मुफ्त बस यात्रा योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की साधारण बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी। यह पहल सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाने, महिलाओं की गतिशीलता बढ़ाने और सामाजिक समावेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

क्या है प्रियदर्शिनी योजना?

प्रियदर्शिनी योजना के अंतर्गत महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को केएसआरटीसी की साधारण बस सेवाओं में बिना किराया दिए यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। यात्रा के दौरान यात्रियों को इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन (ETM) के माध्यम से जारी किया गया शून्य-मूल्य (Zero-Value) टिकट प्रदान किया जाएगा। यह टिकट यात्रा का रिकॉर्ड रखने और सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी के प्रशासनिक प्रबंधन के लिए उपयोग किया जाएगा।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके लिए किसी प्रकार की आय सीमा, सामाजिक श्रेणी या विशेष पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है। राज्य की सभी आयु वर्ग की महिलाएं और ट्रांसजेंडर व्यक्ति इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इससे योजना का दायरा व्यापक हो जाता है और अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंचने की संभावना बढ़ती है।

किन बसों में मिलेगी मुफ्त यात्रा?

प्रियदर्शिनी योजना वर्तमान में केरल राज्य सड़क परिवहन निगम की साधारण (Ordinary) बस सेवाओं पर लागू की गई है। राज्य भर में संचालित लगभग 3,125 साधारण केएसआरटीसी बसें इस योजना के अंतर्गत शामिल हैं। हालांकि, प्रारंभिक चरण में सिटी फास्ट, सुपरफास्ट और वातानुकूलित (एसी) बस सेवाओं को योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।

टिकट व्यवस्था और पहचान

यात्रा के दौरान पात्र यात्रियों को बस परिचालक (कंडक्टर) से प्रियदर्शिनी टिकट प्राप्त करना होगा। योजना के अंतर्गत शामिल बसों की पहचान के लिए उन पर सफेद रंग में “Priyadarshini Scheme” लिखा गया है, जिससे यात्रियों को आसानी से जानकारी मिल सके।

वित्तीय व्यवस्था

इस योजना के तहत होने वाले पूरे व्यय की प्रतिपूर्ति केरल सरकार द्वारा की जाएगी। सरकारी अनुमान के अनुसार योजना पर प्रति माह 60 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होगा, जबकि वार्षिक व्यय लगभग 800 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। योजना के संचालन और वित्तीय प्रभाव का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें यात्रियों की संख्या और केएसआरटीसी की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखा जाएगा।

सामाजिक और आर्थिक महत्व

मुफ्त सार्वजनिक परिवहन योजनाएं महिलाओं और अन्य पात्र समूहों की आर्थिक बचत बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाती हैं। ट्रांसजेंडर समुदाय को भी इस योजना में शामिल करना सामाजिक समावेशन और समान अवसरों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राजनीतिक और नीतिगत पृष्ठभूमि

प्रियदर्शिनी योजना कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) द्वारा विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान घोषित पांच इंदिरा गारंटी कार्यक्रमों में से एक है। इस योजना का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक समावेशी बनाना और पात्र नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाना है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • प्रियदर्शिनी मुफ्त बस यात्रा योजना का शुभारंभ 15 जून 2026 को किया गया।
  • योजना के तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को केएसआरटीसी की साधारण बसों में निशुल्क यात्रा मिलेगी।
  • योजना में लगभग 3,125 साधारण केएसआरटीसी बसें शामिल हैं।
  • सिटी फास्ट, सुपरफास्ट और एसी बसें वर्तमान में योजना के दायरे से बाहर हैं।
  • इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन (ETM) के माध्यम से शून्य-मूल्य टिकट जारी किया जाता है।
  • केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) केरल की सरकारी परिवहन संस्था है।
  • ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भारतीय कानूनी और कल्याणकारी ढांचे में अलग लैंगिक श्रेणी के रूप में मान्यता प्राप्त है।
  • योजना पर अनुमानित वार्षिक व्यय लगभग 800 करोड़ रुपये है।

प्रियदर्शिनी मुफ्त बस यात्रा योजना केरल में महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह योजना सामाजिक समावेशन, आर्थिक राहत और सुरक्षित आवागमन को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्य की कल्याणकारी नीतियों को भी मजबूती प्रदान करती है।

Originally written on June 15, 2026 and last modified on June 15, 2026.

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