उत्तर प्रदेश ने लॉन्च किए ‘कौशल सेतु’ और ‘कौशल सारथी’ डिजिटल पोर्टल
उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 जुलाई 2026 को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान ‘कौशल सेतु’ और ‘कौशल सारथी’ नामक दो नए डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किए। इनका उद्घाटन व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने किया। इन डिजिटल पहलों का उद्देश्य कौशल विकास प्रणाली को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और युवाओं के लिए सुलभ बनाना है।
कौशल सेतु पोर्टल क्या है?
कौशल सेतु उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) का एक डिजिटल पोर्टल है। इसे प्रशिक्षण साझेदारों (Training Partners) के ऑनलाइन, पेपरलेस और पारदर्शी पंजीकरण एवं पैनल में शामिल करने के लिए विकसित किया गया है। यह पोर्टल संस्थानों के पंजीकरण और अनुमोदन की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाता है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इसके माध्यम से प्रशिक्षण संस्थानों को एकीकृत डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
कौशल सारथी प्लेटफॉर्म की विशेषताएं
कौशल सारथी एक डिजिटल सूचना मंच है, जो युवाओं को जिला-वार प्रशिक्षण केंद्रों, उपलब्ध पाठ्यक्रमों और प्रशिक्षण साझेदारों की जानकारी उपलब्ध कराता है। इस प्लेटफॉर्म में डिजिटल मैप की सुविधा भी दी गई है, जिससे युवा अपने जिले में स्थित कौशल प्रशिक्षण केंद्रों का स्थान आसानी से खोज सकते हैं। इससे प्रशिक्षण सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी और अधिक युवाओं को कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
उत्तर प्रदेश का कौशल विकास तंत्र
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) राज्य की प्रमुख एजेंसी है, जो युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार क्षमता और उद्यमिता से जोड़ने का कार्य करती है। नए डिजिटल पोर्टल राज्य की व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएंगे। कार्यक्रम के दौरान UPSDM ने केएलके प्राइवेट लिमिटेड तथा विनसम टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों का उद्देश्य युवाओं को रोबोटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और टेक्सटाइल उद्योग जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। उन्होंने कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले 11 युवाओं को सम्मानित किया। राज्य सरकार का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण, प्रमाणन और रोजगार के अवसरों के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- विश्व युवा कौशल दिवस (World Youth Skills Day) प्रत्येक वर्ष 15 जुलाई को मनाया जाता है।
- इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का प्रमुख सम्मेलन एवं आयोजन केंद्र है।
- समझौता ज्ञापन (MoU) संस्थानों और कंपनियों के बीच सहयोग के लिए किया जाने वाला औपचारिक समझौता होता है।
- व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) का उद्देश्य विद्यार्थियों को किसी विशेष व्यवसाय, तकनीकी कार्य या रोजगार के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है।
उत्तर प्रदेश द्वारा शुरू किए गए कौशल सेतु और कौशल सारथी जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म राज्य के कौशल विकास तंत्र को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन पहलों से युवाओं को प्रशिक्षण, प्रमाणन और रोजगार से जुड़ी जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध होगी, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ेगी और राज्य में कौशल आधारित विकास को नई गति मिलेगी।