आरआरपी डिफेंस को मिला ₹29.83 करोड़ का ऑर्डर
आरआरपी डिफेंस लिमिटेड को 20 मई 2026 को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से लगभग ₹29.83 करोड़ का खरीद आदेश प्राप्त हुआ है। यह अनुबंध उच्च-सटीकता वाले जर्मेनियम लेंस की आपूर्ति से संबंधित है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत प्रमुख रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है।
ऑर्डर में क्या शामिल है
इस अनुबंध के तहत आरआरपी डिफेंस को दो प्रकार के जर्मेनियम लेंस उपलब्ध कराने हैं। इनमें जीई एसएफ लेंस 1 और जीई एसएफ लेंस 2 शामिल हैं। ये लेंस इंफ्रारेड और थर्मल इमेजिंग प्रणालियों में उपयोग किए जाते हैं। जर्मेनियम एक ऐसा तत्व है जो इंफ्रारेड विकिरण को पारित करने की क्षमता रखता है, इसलिए इसका उपयोग आधुनिक रक्षा उपकरणों में व्यापक रूप से किया जाता है।
रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोग
थर्मल और इंफ्रारेड इमेजिंग सिस्टम का उपयोग थर्मल कैमरा, निगरानी प्रणाली, हथियार दृष्टि प्रणाली और लक्ष्य पहचान उपकरणों में किया जाता है। ये तकनीकें इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स क्षेत्र का हिस्सा हैं, जिसमें ऑप्टिक्स, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक घटकों का संयोजन होता है। इन प्रणालियों की मदद से कम रोशनी या अंधेरे में भी लक्ष्य की पहचान की जा सकती है।
डिलीवरी और निर्माण प्रक्रिया
आरआरपी डिफेंस इन लेंसों का डिजाइन, इंजीनियरिंग और अनुकूलन भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुसार करेगा। सबसे पहले नमूना इकाइयों की आपूर्ति की जाएगी। इसके बाद बड़े स्तर पर डिलीवरी का पहला चरण आदेश मिलने के 8 से 10 सप्ताह के भीतर शुरू होने की संभावना है। चरणबद्ध मासिक आपूर्ति दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी।
आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण को बढ़ावा
यह अनुबंध भारत के स्वदेशी रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी सरकारी पहलों का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में घरेलू उत्पादन और तकनीकी क्षमता को बढ़ाना है। इस तरह के अनुबंध भारत की रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने में मदद करते हैं।
पूर्व समझौते का प्रभाव
यह अनुबंध भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और आरआरपी समूह के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन के बाद सामने आया है। इस समझौते में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स, मानव रहित प्रणालियों और अन्य उन्नत रक्षा तकनीकों में सहयोग का प्रावधान किया गया था।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1954 में हुई थी। ” जर्मेनियम का रासायनिक प्रतीक Ge और परमाणु संख्या 32 है। ” थर्मल इमेजिंग प्रणाली वस्तुओं द्वारा उत्सर्जित इंफ्रारेड विकिरण का पता लगाती है। ” इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स तकनीक का उपयोग नाइट विजन और सैन्य सेंसर प्रणालियों में किया जाता है। आरआरपी डिफेंस को मिला यह बड़ा ऑर्डर भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में निजी कंपनियों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। इससे आधुनिक रक्षा तकनीकों के स्वदेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।