अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस का 27वां सदस्य बना बांग्लादेश
दक्षिण एशिया में वन्यजीव संरक्षण सहयोग को नई मजबूती देते हुए 24 जून 2026 को बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) का 27वां सदस्य देश बन गया। यह संधि-आधारित अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जिसका मुख्यालय नई दिल्ली, भारत में स्थित है। बांग्लादेश के शामिल होने से विशेष रूप से सुंदरबन क्षेत्र में बाघ संरक्षण और सीमा-पार जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA) क्या है?
अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस की शुरुआत अप्रैल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रोजेक्ट टाइगर के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर की गई थी। बाद में 23 जनवरी 2025 को यह एक पूर्ण संधि-आधारित अंतर-सरकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन और विधिक इकाई के रूप में स्थापित हुआ। इस संगठन का उद्देश्य दुनिया की सात प्रमुख बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग, तकनीकी विशेषज्ञता, अनुसंधान, क्षमता निर्माण और ज्ञान साझा करना है। आईबीसीए जिन सात बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण पर कार्य करता है, वे हैं—
- बाघ
- शेर
- तेंदुआ
- हिम तेंदुआ
- चीता
- जगुआर
- प्यूमा
बांग्लादेश का आईबीसीए में शामिल होना
बांग्लादेश की कैबिनेट ने 22 मई 2026 को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी देकर आईबीसीए में शामिल होने का निर्णय लिया। भारत ने, जो इस संगठन का संस्थापक सदस्य है, अप्रैल 2026 में हुई द्विपक्षीय बैठकों के दौरान बांग्लादेश को पूर्ण सदस्य बनने का निमंत्रण दिया था। यह चर्चा भारत के बांग्लादेश स्थित उच्चायुक्त प्रणय वर्मा और बांग्लादेश के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री अब्दुल अव्वल मिंटू के बीच हुई थी। इसके बाद औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने पर 24 जून 2026 को बांग्लादेश संगठन का 27वां सदस्य बन गया।
दक्षिण एशिया में बाघ संरक्षण का महत्व
भारत और बांग्लादेश के बीच फैला सुंदरबन विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन क्षेत्र है और यह बंगाल टाइगर का महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है। यह क्षेत्र गंगा-ब्रह्मपुत्र-मेघना डेल्टा में स्थित है तथा अनेक संकटग्रस्त वन्यजीव प्रजातियों का घर माना जाता है। आईबीसीए में बांग्लादेश की सदस्यता से सुंदरबन क्षेत्र में संयुक्त संरक्षण प्रयासों, वैज्ञानिक अनुसंधान, वन्यजीव निगरानी और सीमा-पार संरक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।
संगठन की कानूनी और संस्थागत स्थिति
अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कार्य करने वाला संधि-आधारित अंतर-सरकारी संगठन है। इसके सदस्य देश बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए अनुसंधान, प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग, वित्तीय सहायता तथा सर्वोत्तम संरक्षण पद्धतियों का आदान-प्रदान करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर इन संकटग्रस्त प्रजातियों के दीर्घकालिक संरक्षण को सुनिश्चित करना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA) का मुख्यालय नई दिल्ली, भारत में स्थित है।
- आईबीसीए की शुरुआत अप्रैल 2023 में प्रोजेक्ट टाइगर के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर की गई थी।
- प्रोजेक्ट टाइगर भारत में वर्ष 1973 में शुरू किया गया था।
- आईबीसीए सात बड़ी बिल्ली प्रजातियों—बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा—के संरक्षण के लिए कार्य करता है।
बांग्लादेश का अंतरराष्ट्रीय बिग कैट एलायंस में शामिल होना दक्षिण एशिया में वन्यजीव संरक्षण सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विशेष रूप से सुंदरबन जैसे साझा पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए यह साझेदारी बाघों सहित अन्य संकटग्रस्त प्रजातियों की सुरक्षा, अनुसंधान और सतत संरक्षण प्रयासों को नई गति प्रदान करेगी।