Sarvam AI का Epoch Builder Edition: भारतीय भाषाओं के लिए एआई ढांचे को नई रफ्तार
भारतीय भाषाओं के लिए बड़े भाषा मॉडल विकसित करने की दिशा में Sarvam AI ने 30 जुलाई 2026 को Epoch Builder Edition लॉन्च किया। यह एक डेवलपर और एंटरप्राइज प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए बड़े भाषा मॉडल बनाए, फाइन-ट्यून किए और तैनात किए जा सकते हैं। कंपनी का फोकस खास तौर पर भारतीय भाषाओं और स्थानीय उपयोग-परिदृश्यों पर है, जिससे एआई को केवल अंग्रेजी-केंद्रित दायरे से आगे ले जाने की कोशिश दिखती है।
भारतीय भाषाओं के लिए बहुभाषी मॉडल
इस प्लेटफॉर्म में 7 अरब और 70 अरब पैरामीटर वाले बहुभाषी मॉडल शामिल हैं। इन्हें 2 ट्रिलियन टोकन पर प्रशिक्षित किया गया है और ये 10 से अधिक भारतीय भाषाओं का समर्थन करते हैं, जिनमें हिंदी, कन्नड़, तमिल, मराठी और बांग्ला शामिल हैं। बड़े भाषा मॉडल, यानी LLM, टेक्स्ट जनरेशन, अनुवाद, सारांश और प्रश्नोत्तर जैसे कार्यों में इस्तेमाल होते हैं।पैरामीटर की संख्या किसी मॉडल की क्षमता का एक प्रमुख संकेतक मानी जाती है। सामान्य तौर पर जितने अधिक पैरामीटर, उतनी अधिक जटिल भाषा और संदर्भ समझने की क्षमता की उम्मीद की जाती है। इसी वजह से 7 अरब और 70 अरब जैसे आकार वाले मॉडल एआई विकास में महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
डॉक्यूमेंट इंटेलिजेंस और आवाज आधारित समाधान
इसी दिन कंपनी ने Sarvam Vision Edge को भी व्यावसायिक रूप से लॉन्च किया, जिसे दस्तावेज़ इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के रूप में पेश किया गया है। इससे पहले फरवरी 2026 में Sarvam Vision लॉन्च किया गया था, जो जटिल दस्तावेज़ों के लिए एक ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन यानी OCR सिस्टम है। OCR मुद्रित या हस्तलिखित पाठ को मशीन-पठनीय रूप में बदलता है।कंपनी ने Bulbul नामक टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल भी पेश किया था, जो 11 भारतीय भाषाओं में 35 से अधिक आवाज़ों का समर्थन करता है। टेक्स्ट-टू-स्पीच तकनीक लिखे हुए पाठ को बोली गई आवाज़ में बदलती है और पहुंच-योग्यता, शिक्षा तथा भाषा प्रौद्योगिकी में उपयोगी होती है।
इंडियाAI मिशन और स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल
अप्रैल 2025 में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने IndiaAI Mission के तहत एक स्वदेशी foundational model विकसित करने के लिए Sarvam AI को चुना था। फाउंडेशनल मॉडल बड़े प्री-ट्रेंड मॉडल होते हैं, जिन्हें आगे कई अलग-अलग कार्यों के लिए अनुकूलित किया जा सकता है।कंपनी ने भारत में एक 1 ट्रिलियन से अधिक पैरामीटर वाला फाउंडेशनल मॉडल बनाने की योजना भी बताई है। साथ ही, इसकी कीमत को प्रमुख वैश्विक मॉडलों की तुलना में 5.5 गुना सस्ता रखने की रणनीति का उल्लेख किया गया है। यह संकेत देता है कि भारतीय एआई इकोसिस्टम में लागत, भाषा-संगतता और स्थानीय जरूरतों पर आधारित प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- LLM यानी Large Language Model, एआई का वह वर्ग है जो बड़े टेक्स्ट डेटा पर प्रशिक्षित होता है।
- OCR तकनीक दस्तावेज़ों को स्कैन करके उन्हें मशीन-पठनीय टेक्स्ट में बदलती है।
- Text-to-Speech सिस्टम लिखे हुए शब्दों को आवाज़ में बदलते हैं।
- Foundational model को कई अलग-अलग एआई कार्यों के लिए आधार मॉडल की तरह इस्तेमाल किया जाता है।
Sarvam AI की यह पहल भारतीय भाषाओं में एआई के व्यावहारिक उपयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। इससे दस्तावेज़ प्रसंस्करण, अनुवाद, आवाज़ आधारित सेवाओं और स्थानीय भाषा अनुप्रयोगों के लिए नए अवसर बन सकते हैं।