गुजरात में 900 मेगावाट सौर परियोजना से NLC इंडिया की हरित ऊर्जा रणनीति को रफ्तार

गुजरात में 900 मेगावाट सौर परियोजना से NLC इंडिया की हरित ऊर्जा रणनीति को रफ्तार

NLC इंडिया लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी NLC इंडिया रिन्यूएबल्स लिमिटेड (NIRL) को गुजरात में 900 मेगावाट की सौर परियोजना विकसित करने का अवसर मिला है। यह परियोजना गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (GUVNL) से मिले लेटर ऑफ इंटेंट के बाद आगे बढ़ेगी और इसे टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के तहत विकसित किया जाएगा।

गुजरात के बड़े सोलर पार्कों में होगा विकास

यह 900 मेगावाट क्षमता गुजरात के अल्ट्रा-मेगा नवीकरणीय ऊर्जा पार्कों में विकसित की जाएगी, जिनमें खावड़ा सोलर पार्क क्लस्टर भी शामिल है। इस मॉडल में बिजली उत्पादन के लिए बड़े पैमाने पर जमीन, ग्रिड कनेक्टिविटी और खरीद व्यवस्था पहले से तैयार की जाती है, जिससे परियोजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद मिलती है। GUVNL इस परियोजना से उत्पन्न बिजली की खरीद करेगा। भारत में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए टैरिफ-आधारित बोली व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इसमें सबसे प्रतिस्पर्धी दर पर बिजली खरीदने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

NIRL की भूमिका और कंपनी की विस्तार योजना

NLC इंडिया रिन्यूएबल्स लिमिटेड की स्थापना 14 जून 2023 को हुई थी। यह कंपनी सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं पर काम करती है और NLC इंडिया की हरित ऊर्जा शाखा के रूप में कार्य करती है। NLC इंडिया पहले ही खावड़ा पार्क में 600 मेगावाट का अनुबंध हासिल कर चुकी है। अब कंपनी का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के अंत तक लगभग 2 गीगावाट नवीकरणीय क्षमता जोड़ने का है। दीर्घकालिक योजना के तहत 2030 तक 10 गीगावाट क्षमता तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

भूमि अधिग्रहण और परियोजना की आगे की प्रक्रिया

परियोजना के विकास के लिए NLC इंडिया ने 27 जुलाई 2026 को गुजरात में 1,500 एकड़ निजी भूमि खरीदने के लिए टेंडर जारी किया था। इस टेंडर के लिए बोली जमा करने की अंतिम तिथि 27 अगस्त 2026 तय की गई थी। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी परियोजना के लिए भूमि और बुनियादी ढांचे की तैयारी को समानांतर रूप से आगे बढ़ा रही है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • NLC इंडिया लिमिटेड एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, जिसका मुख्य कार्य लिग्नाइट खनन और बिजली उत्पादन से जुड़ा है।
  • टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली भारत में नवीकरणीय ऊर्जा खरीद की एक प्रमुख प्रक्रिया है।
  • खावड़ा सोलर पार्क गुजरात में स्थित है और देश के बड़े नवीकरणीय ऊर्जा विकास क्षेत्रों में शामिल है।
  • ग्रीन हाइड्रोजन आमतौर पर नवीकरणीय बिजली की मदद से पानी के इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा बनाया जाता है।

इस परियोजना के साथ NLC इंडिया की नवीकरणीय ऊर्जा में मौजूदगी और मजबूत होने की संभावना है। गुजरात जैसे बड़े सौर केंद्र में 900 मेगावाट की यह पहल भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Originally written on July 30, 2026 and last modified on July 30, 2026.

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