QS रैंकिंग में भारतीय संस्थानों की मजबूत छलांग
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों की मौजूदगी बढ़कर 52 हो गई है, जबकि 2015 संस्करण में यह संख्या केवल 11 थी। 18 जून 2026 को जारी इस रैंकिंग में भारतीय संस्थानों की बेहतर भागीदारी को सरकार ने राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क यानी एनआईआरएफ से जोड़ा है, जिसे 2015 में शुरू किया गया था।
भारत की बढ़ती उपस्थिति और आईआईटी दिल्ली की उपलब्धि
इस बार आईआईटी दिल्ली भारत का सर्वोच्च रैंक वाला संस्थान रहा। उसे वैश्विक स्तर पर 118वां स्थान मिला, जो पिछले संस्करण की तुलना में पांच स्थान की बढ़त है। यह भारतीय संस्थानों की अब तक की सर्वश्रेष्ठ वैश्विक स्थिति के बराबर है। 52 भारतीय संस्थानों में से 26 की रैंक सुधरी, 9 की स्थिति जस की तस रही, 15 नीचे खिसके और 2 संस्थान पहली बार सूची में शामिल हुए।
इस संस्करण में 18 भारतीय संस्थानों ने अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ क्यूएस रैंक हासिल की। यह संकेत देता है कि भारतीय उच्च शिक्षा संस्थान अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पहले की तुलना में अधिक मजबूती से उभर रहे हैं।
अन्य प्रमुख संस्थानों की स्थिति
आईआईटी बॉम्बे 134वें, आईआईटी मद्रास 170वें और आईआईटी खड़गपुर 205वें स्थान पर रहे। भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु और आईआईटी कानपुर 221वें स्थान पर संयुक्त रूप से रहे। गैर-एसटीईएम संस्थानों में दिल्ली विश्वविद्यालय भारत का शीर्ष संस्थान बना रहा और उसे 322वां स्थान मिला।
इस रैंकिंग में 13 गैर-आईआईटी संस्थानों ने भी अपनी अब तक की सर्वश्रेष्ठ क्यूएस स्थिति दर्ज की। यह तथ्य महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे स्पष्ट होता है कि सुधार केवल तकनीकी संस्थानों तक सीमित नहीं है, बल्कि विविध शैक्षणिक क्षेत्रों में भी प्रगति दिख रही है।
क्यूएस रैंकिंग और एनआईआरएफ का महत्व
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग क्वाक्वेरेली साइमंड्स द्वारा जारी एक वार्षिक वैश्विक रैंकिंग प्रणाली है। इसमें अकादमिक प्रतिष्ठा, नियोक्ता प्रतिष्ठा, फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात, प्रति फैकल्टी उद्धरण, अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी और अंतरराष्ट्रीय छात्रों जैसे मानकों के आधार पर संस्थानों का आकलन किया जाता है।
भारत में एनआईआरएफ की भूमिका भी लगातार बढ़ी है। यह शिक्षण, संसाधन, शोध, पेशेवर अभ्यास, स्नातक परिणाम, पहुंच और समावेशिता तथा प्रतिष्ठा जैसे मानकों पर संस्थानों का मूल्यांकन करता है। विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, फार्मेसी और समग्र श्रेणियों में इसकी रैंकिंग जारी की जाती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एनआईआरएफ की शुरुआत 2015 में शिक्षा मंत्रालय ने की थी।
- क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में आईआईटी दिल्ली को 118वां स्थान मिला।
- भारत के 52 संस्थान क्यूएस 2027 सूची में शामिल हुए, जबकि 2015 में यह संख्या 11 थी।
- एनआईआरएफ में भारतीय संस्थानों की संख्या 2021 में 4,030 से बढ़कर 2025 में 7,692 हो गई।
कुल मिलाकर, यह रैंकिंग भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, बेहतर प्रदर्शन और वैश्विक पहचान का संकेत देती है।