टीबी उन्मूलन को जमीनी ताकत देंगे जेओएसएच दल

टीबी उन्मूलन को जमीनी ताकत देंगे जेओएसएच दल

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में संयुक्त स्वास्थ्य दल (जेओएसएच) पहल का राष्ट्रीय शुभारंभ करेगा। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा इस कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे। शुरुआत में यह पहल 11 राज्यों के 55 जिलों में लागू होगी।

युवाओं की भागीदारी से टीबी जागरूकता

जेओएसएच का पूरा नाम ‘जॉइंट स्क्वॉड फॉर हेल्थ’ है। इसका उद्देश्य युवाओं की मदद से समुदायों तक टीबी मुक्त भारत अभियान का संदेश पहुंचाना है। दल जागरूकता बढ़ाने, सामाजिक भागीदारी मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर लोगों को टीबी उन्मूलन के प्रयासों से जोड़ने का काम करेंगे। इस पहल के तहत युवाओं को स्वास्थ्य से जुड़ी सामुदायिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए एक व्यवस्थित मंच मिलेगा।

यह कार्यक्रम स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के सहयोग से शुरू किया जा रहा है। इसका बहु-विभागीय स्वरूप स्वास्थ्य जागरूकता को युवाओं और स्थानीय समुदायों तक पहुंचाने में मदद कर सकता है।

प्रशासन, स्वयंसेवक और कैडेट होंगे साथ

प्रत्येक जेओएसएच दल में प्रथम श्रेणी के अधिकारी, माय भारत के स्वयंसेवक और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट शामिल होंगे। इस संयोजन में प्रशासनिक अनुभव के साथ युवा स्वयंसेवा और समुदाय तक पहुंचने की क्षमता को जोड़ा गया है। राष्ट्रीय शुभारंभ के अवसर पर टीबी मुक्त भारत अभियान के लिए नई सूचना, शिक्षा एवं संचार सामग्री भी जारी की जाएगी। इसके साथ ही ‘खुशी अवतार’ नाम का कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चैटबॉट शुरू होगा, जो टीबी के बारे में जन-जागरूकता में सहायता करेगा।

टीबी उन्मूलन प्रयासों का ग्रामीण आधार

टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु से होती है। यह मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है और फेफड़ों की टीबी से पीड़ित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर हवा के जरिए फैल सकती है। बीमारी शरीर के अन्य हिस्सों को भी प्रभावित कर सकती है।

भारत में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम पहले संशोधित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नाम से जाना जाता था। वर्ष 2020 में इसका नाम बदलकर राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम किया गया। वर्ष 2025 में 697 जिलों की 67,933 पंचायतों को टीबी मुक्त के रूप में मान्यता मिली। पंचायतें ग्रामीण स्थानीय स्वशासन की संस्थाएं हैं और समुदाय-आधारित स्वास्थ्य प्रयासों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • टीबी का कारण माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस जीवाणु है।
  • राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम का पुराना नाम संशोधित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम था।
  • बीसीजी टीका बच्चों को टीबी के गंभीर रूपों से बचाने के लिए दिया जाता है।
  • जेओएसएच दलों की शुरुआत 11 राज्यों के 55 जिलों में होगी; शुभारंभ 8 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।

युवाओं, प्रशासन और स्थानीय संस्थाओं को एक मंच पर लाने वाली यह पहल टीबी के प्रति जागरूकता तथा सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने का प्रयास है।

Originally written on October 7, 2026 and last modified on October 7, 2026.

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