GeM के 10 साल: सरकारी खरीद में डिजिटल क्रांति का बड़ा पड़ाव
भारत के सरकारी ई-मार्केटप्लेस GeM ने 9 अगस्त 2026 को संचालन के 10 वर्ष पूरे कर लिए। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म ने अब तक 3.78 करोड़ से अधिक ऑर्डरों के जरिए 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का सकल व्यापार मूल्य (GMV) दर्ज किया है। सरकारी खरीद को पारदर्शी, तेज और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में GeM की भूमिका पिछले एक दशक में लगातार मजबूत हुई है।
सरकारी खरीद का डिजिटल मंच कैसे बना GeM
GeM यानी Government e-Marketplace भारत में सरकारी खरीदारों के लिए वस्तुओं और सेवाओं की ऑनलाइन खरीद का मंच है। इसे 2016 में शुरू किया गया था और यह मंत्रालयों, विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा अन्य सरकारी संगठनों के लिए एक डिजिटल मार्केटप्लेस की तरह काम करता है। इस प्लेटफॉर्म ने सरकारी खरीद की प्रक्रिया को कागजी और समय लेने वाली व्यवस्था से निकालकर अधिक पारदर्शी डिजिटल ढांचे में बदला है।
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, GeM को अपने पहले 10 लाख करोड़ रुपये के GMV तक पहुंचने में आठ साल से अधिक समय लगा, जबकि अगले 10 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा दो साल से भी कम समय में पार कर लिया गया। यह वृद्धि बताती है कि सरकारी संस्थानों में डिजिटल खरीद को लेकर भरोसा और उपयोग दोनों तेजी से बढ़े हैं।
तेजी से बढ़ा लेनदेन और उपयोगकर्ता आधार
GeM का वार्षिक GMV वित्त वर्ष 2016-17 में 422 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में ही प्लेटफॉर्म ने 1,47,888 करोड़ रुपये का GMV दर्ज किया। यह रफ्तार सरकारी खरीद में प्लेटफॉर्म की बढ़ती उपयोगिता को दर्शाती है।
शुरुआत में जहां GeM पर प्रोफाइल-पूर्ण विक्रेताओं की संख्या 3,339 थी, वहीं अब यह बढ़कर 25.45 लाख हो गई है। इसी तरह प्राथमिक खरीदार संगठनों की संख्या 1,707 से बढ़कर 1.37 लाख तक पहुंच गई है। इससे स्पष्ट है कि मंच पर विक्रेता और खरीदार दोनों पक्षों की भागीदारी व्यापक हुई है।
एमएसएमई, महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मिला बड़ा अवसर
GeM ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए भी बड़ा बाजार उपलब्ध कराया है। पोर्टल पर पंजीकृत एमएसएमई की संख्या 2,424 से बढ़कर 12.25 लाख हो गई है। इन इकाइयों ने 9.07 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर हासिल किए, जो कुल संचयी GMV का 45.6% है।
महिला-नेतृत्व वाले एमएसएमई ने भी इस मंच का व्यापक उपयोग किया है। अब तक 2.24 लाख से अधिक महिला-नेतृत्व वाले एमएसएमई ने 50 लाख से ज्यादा ऑर्डर पूरे किए हैं, जिनका मूल्य 99,147 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके अलावा 42,242 स्टार्टअप्स ने GeM के जरिए 65,633 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हासिल किया है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- GeM का पूरा नाम Government e-Marketplace है और यह भारत का सार्वजनिक खरीद मंच है।
- GMV यानी Gross Merchandise Value, किसी प्लेटफॉर्म पर हुए कुल लेनदेन का मूल्य होता है।
- GeM की शुरुआत 2016 में हुई थी और इसने 9 अगस्त 2026 को 10 वर्ष पूरे किए।
- एमएसएमई, महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए GeM एक महत्वपूर्ण डिजिटल बाजार बन चुका है।
तकनीक के उपयोग, बड़े विक्रेता आधार और तेज लेनदेन वृद्धि के साथ GeM अब भारत की डिजिटल सार्वजनिक खरीद व्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुका है। आने वाले वर्षों में इसकी भूमिका सरकारी खरीद को और अधिक कुशल और समावेशी बनाने में महत्वपूर्ण रहने की संभावना है।