₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों से बदलेगा नकदी प्रबंधन
केंद्र सरकार ने भारतीय रिज़र्व बैंक के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए ₹10 और ₹20 के पॉलिमर बैंकनोट जारी करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह मंजूरी फिलहाल फील्ड ट्रायल के लिए है, और नियमित जारीकरण तभी होगा जब परीक्षण सफल रहेंगे। सरकार के इस फैसले को नकदी की टिकाऊपन, सुरक्षा और उपयोगिता बढ़ाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
पॉलिमर नोट क्या होते हैं और क्यों अहम हैं
पॉलिमर बैंकनोट पारंपरिक कागज़ी लुगदी की जगह प्लास्टिक-आधारित सब्सट्रेट पर छापे जाते हैं। ऐसे नोट नमी, गंदगी और फटने के असर को बेहतर तरीके से झेल सकते हैं, इसलिए इनकी जीवन अवधि सामान्य कागज़ी नोटों से अधिक मानी जाती है। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूज़ीलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में अलग-अलग मूल्यवर्ग के पॉलिमर नोट पहले से इस्तेमाल किए जा रहे हैं।भारत में ₹10 और ₹20 के नोट रोज़मर्रा के लेन-देन, छोटे भुगतान और सार्वजनिक परिवहन में व्यापक रूप से उपयोग होते हैं। ऐसे में इन मूल्यवर्गों में अधिक टिकाऊ नोटों का प्रयोग नकदी प्रबंधन को अधिक प्रभावी बना सकता है।
सरकारी मंजूरी और आरबीआई की प्रक्रिया
यह प्रस्ताव भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत रखा गया था। आरबीआई केंद्रीय बोर्ड की सिफारिश के बाद सरकार ने इसे मंजूरी दी। धारा 25 बैंकनोटों के रूप और डिज़ाइन से जुड़ी व्यवस्था को नियंत्रित करती है, इसलिए किसी भी नए स्वरूप के नोट के लिए यह कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है।फिलहाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि पॉलिमर नोट मौजूदा कागज़ी नोटों के साथ-साथ चलेंगे। यानी कागज़ी मुद्रा को पूरी तरह बदलने की कोई योजना नहीं है। नियमित जारीकरण से पहले फील्ड ट्रायल के जरिए इन नोटों की व्यवहारिकता, सुरक्षा और उपयोगिता का आकलन किया जाएगा।
छपाई व्यवस्था और आगे की तैयारी
भारतीय रिज़र्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड, जो आरबीआई प्रणाली से जुड़ी मुद्रा छपाई इकाई है, ने 17 जुलाई 2026 को ओपेसिफाइड पॉलिमर सब्सट्रेट शीट्स की आपूर्ति के लिए ग्लोबल एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी किया था। ओपेसिफाइड पॉलिमर सब्सट्रेट वही आधार सामग्री है, जिस पर सुरक्षा मुद्रण के जरिए पॉलिमर नोट तैयार किए जाते हैं।यह कदम बताता है कि नई मुद्रा तकनीक के लिए आपूर्ति श्रृंखला और उत्पादन तैयारी पहले से शुरू की जा रही है। सरकार ने यह भी कहा है कि डिजिटल भुगतान प्रणालियों पर प्रभाव का आकलन नियमित जारीकरण शुरू होने के बाद किया जाएगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 25 बैंकनोटों के रूप और डिज़ाइन से संबंधित है।
- भारत में बैंकनोट आरबीआई जारी करता है, जबकि सिक्के भारत सरकार जारी करती है।
- मौजूदा भारतीय बैंकनोट श्रृंखला महात्मा गांधी सीरीज़ है।
- पॉलिमर नोट अपनी मजबूती, नमी-प्रतिरोध और लंबी परिसंचरण अवधि के लिए जाने जाते हैं।
कुल मिलाकर, ₹10 और ₹20 के पॉलिमर नोटों की मंजूरी भारतीय मुद्रा प्रणाली में तकनीकी सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब असली परीक्षा फील्ड ट्रायल की सफलता और उसके बाद होने वाले व्यावहारिक क्रियान्वयन की होगी।