इस्पात मंत्रालय की विशेष अभियान 6.0 से स्वच्छता और ई-वेस्ट प्रबंधन पर फोकस

इस्पात मंत्रालय की विशेष अभियान 6.0 से स्वच्छता और ई-वेस्ट प्रबंधन पर फोकस

इस्पात मंत्रालय और उसके सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों ने विशेष अभियान 6.0 में भागीदारी शुरू की है, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, लंबित मामलों के निपटान और ई-वेस्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन को तेज करना है। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा, जबकि 15 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक तैयारी चरण रखा गया है, ताकि लक्ष्य तय किए जा सकें और ज़मीनी काम पहले से शुरू हो सके।

ई-वेस्ट प्रबंधन अभियान का प्रमुख हिस्सा

इस बार अभियान में ई-वेस्ट प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है। इसमें पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पहचान, उनका पृथक्करण, संग्रहण और नियमों के अनुरूप निपटान शामिल है। कंप्यूटर, मोबाइल फोन, टेलीविजन, प्रिंटर और सर्किट बोर्ड जैसे उपकरण जब उपयोग के योग्य नहीं रहते, तो वे ई-वेस्ट की श्रेणी में आते हैं।

भारत में ई-वेस्ट के लिए ई-वेस्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 लागू हैं, जो संग्रह, पुनर्चक्रण और पर्यावरण के अनुकूल निपटान की व्यवस्था तय करते हैं। ये नियम उत्पादकों, निर्माताओं, रिफर्बिशर, डिस्मैंटलर और रीसाइक्लर सभी पर लागू होते हैं।

स्वच्छता, पुराने रिकॉर्ड और लंबित मामलों पर भी जोर

विशेष अभियान 6.0 केवल ई-वेस्ट तक सीमित नहीं है। इसके तहत मशीनों से सफाई, पुराने रिकॉर्ड और अनुपयोगी सामग्री का निपटान, तथा सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक उपक्रमों में लंबित संदर्भों का समाधान भी किया जाएगा। साथ ही, जन-जागरूकता गतिविधियों के जरिए कर्मचारियों और आम लोगों को स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जाएगा।

ऐसे अभियान प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ कार्यालयों में जगह खाली करने, फाइलों के बोझ को कम करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग में मदद करते हैं।

पिछले अभियान का प्रदर्शन और रोलआउट

विशेष अभियान 6.0, विशेष अभियान 5.0 के बाद आया है, जो 2 अक्टूबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक चला था। उस दौरान इस्पात मंत्रालय और उसके सार्वजनिक उपक्रमों ने 83.92 लाख वर्ग फुट जगह की सफाई की थी और 15,585 मीट्रिक टन से अधिक स्क्रैप का निपटान किया था। इस प्रक्रिया से नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच 55.29 करोड़ रुपये की आय भी हुई थी।

इसी क्रम में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने 4 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल स्थित अपने मुख्यालय में विशेष अभियान 6.0 की शुरुआत की। कंपनी ने अपने पश्चिम बंगाल और झारखंड स्थित संचालन क्षेत्रों में ई-वेस्ट प्रबंधन को अभियान से जोड़ा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • विशेष अभियान केंद्र सरकार के मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों द्वारा चलाया जाने वाला वार्षिक स्वच्छता एवं निपटान अभियान है।
  • ई-वेस्ट दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाले अपशिष्ट प्रवाहों में से एक है, क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है।
  • ई-वेस्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 ने भारत में पुराने ई-वेस्ट नियामक प्रावधानों को प्रतिस्थापित किया है।
  • ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, कोल इंडिया की सहायक कंपनी है और पश्चिम बंगाल तथा झारखंड में कार्य करती है।

इस अभियान के जरिए इस्पात मंत्रालय प्रशासनिक स्वच्छता, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और संसाधन प्रबंधन को एक साथ आगे बढ़ा रहा है। ई-वेस्ट पर विशेष ध्यान यह दिखाता है कि सरकारी तंत्र अब अपशिष्ट निपटान को भी सुशासन का अहम हिस्सा मान रहा है।

Originally written on September 16, 2026 and last modified on September 16, 2026.

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