यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल की मेजबानी करेंगे म्यूनिख और बार्सिलोना
यूरोपीय फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित क्लब प्रतियोगिता यूईएफए चैंपियंस लीग के आगामी फाइनल के लिए म्यूनिख और बार्सिलोना को मेजबान शहर चुना गया है। यूईएफए कार्यकारी समिति ने ग्रीस के थेसालोनिकी में 15 सितंबर 2026 को हुई बैठक में यह फैसला लिया। इसके तहत 2028 का फाइनल म्यूनिख के फुटबॉल एरिना, यानी एलियांज एरिना, में और 2029 का फाइनल बार्सिलोना के कैंप नोउ में खेला जाएगा।
म्यूनिख को तीसरी बार मिला बड़ा मौका
म्यूनिख का एलियांज एरिना 2005 में खुला था और जर्मनी के प्रमुख फुटबॉल स्टेडियमों में गिना जाता है। 2028 का फाइनल इस मैदान पर तीसरी बार होगा। इससे पहले यहां 2012 और 2025 के चैंपियंस लीग फाइनल खेले जा चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए इसकी दर्शक क्षमता लगभग 75,000 है और इसकी रोशन बाहरी संरचना इसे दुनिया भर में अलग पहचान देती है।
कैंप नोउ में 1999 के बाद पहली बार फाइनल
बार्सिलोना का कैंप नोउ 1957 में खुला था और यह एफसी बार्सिलोना का घरेलू मैदान है। 2029 का फाइनल यहां 1999 के बाद पहली बार होगा। स्टेडियम में 2023 से पुनर्विकास कार्य चल रहा है और इसके पूरा होने पर इसकी प्रस्तावित क्षमता 1,05,000 दर्शकों की होगी। यह बदलाव कैंप नोउ को यूरोप के सबसे बड़े और आधुनिक फुटबॉल स्थलों में शामिल करेगा।
यूईएफए की मेजबानी नीति और फाइनल का महत्व
यूईएफए चैंपियंस लीग फाइनल आमतौर पर तटस्थ मैदान पर खेला जाता है, जिसे कई साल पहले ही चुन लिया जाता है। मेजबान स्थल का चयन यूईएफए कार्यकारी समिति करती है, जो यूईएफए की प्रमुख प्रतियोगिताओं और फाइनल स्थलों के लिए जिम्मेदार निकाय है। इस तरह के फैसले केवल खेल आयोजन तक सीमित नहीं होते, बल्कि शहरों की वैश्विक पहचान, पर्यटन और बुनियादी ढांचे की क्षमता को भी दर्शाते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- यूईएफए चैंपियंस लीग यूरोप की शीर्ष क्लब फुटबॉल प्रतियोगिता है।
- यूईएफए कार्यकारी समिति फाइनल और अन्य बड़े आयोजनों के मेजबान स्थल तय करती है।
- म्यूनिख का एलियांज एरिना 2012, 2025 और 2028 के फाइनल से जुड़ा रहेगा।
- कैंप नोउ ने आखिरी बार 1999 में चैंपियंस लीग फाइनल की मेजबानी की थी।
इस घोषणा के साथ यूरोपीय फुटबॉल कैलेंडर के अगले बड़े फाइनल स्थलों की तस्वीर साफ हो गई है। म्यूनिख और बार्सिलोना जैसे ऐतिहासिक शहरों का चयन यूईएफए की परंपरा और आधुनिकता, दोनों को साथ लेकर चलने की नीति को दिखाता है।