हब-एंड-स्पोक मॉडल से छोटे शहरों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जोड़ने की तैयारी
केंद्र सरकार देश में हवाई संपर्क को नए ढांचे में विकसित करने की दिशा में 44 हवाई अड्डों का नेटवर्क तैयार कर रही है। इस योजना में 4 हब और 40 स्पोक एयरपोर्ट शामिल होंगे, ताकि टियर-2 और टियर-3 शहरों को बड़े विमानन केंद्रों के जरिए अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जोड़ा जा सके। मौजूदा योजना में दिल्ली को केंद्रीय हब के रूप में चुना गया है, जबकि वाराणसी और अमृतसर को शुरुआती स्पोक एयरपोर्ट बनाया गया है।
हब-एंड-स्पोक मॉडल क्या है
विमानन क्षेत्र में हब-एंड-स्पोक मॉडल का मतलब है कि यात्री पहले किसी छोटे शहर के स्पोक एयरपोर्ट से बड़े हब एयरपोर्ट तक पहुंचते हैं और फिर वहां से अंतरराष्ट्रीय या लंबी दूरी की उड़ान लेते हैं। इस मॉडल से अलग-अलग शहरों के बीच सीधी उड़ानों की जरूरत कम होती है और रूट नेटवर्क अधिक व्यवस्थित हो जाता है।हब एयरपोर्ट आम तौर पर अधिक यात्री, ज्यादा कनेक्टिंग फ्लाइट्स और ट्रांजिट ट्रैफिक संभालते हैं। इसके मुकाबले स्पोक एयरपोर्ट छोटे शहरों को नेटवर्क से जोड़ने का काम करते हैं। यही वजह है कि यह मॉडल एयरलाइनों के लिए रूट समेकन और बेहतर कनेक्टिविटी का प्रभावी तरीका माना जाता है।
ईजी कनेक्ट से यात्रियों को क्या सुविधा मिली
इस मॉडल के तहत एयर इंडिया ने 25 जून 2026 को वाराणसी से पहली ईजी कनेक्ट उड़ान शुरू की। इसके बाद 28 जुलाई 2026 को अमृतसर से भी इनबाउंड और आउटबाउंड ईजी कनेक्ट सेवाएं शुरू की गईं, जिनके जरिए यात्रियों को दिल्ली के माध्यम से 27 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों से जोड़ा जा रहा है।ईजी कनेक्ट व्यवस्था की खास बात यह है कि यात्री अपने मूल स्पोक एयरपोर्ट पर ही थ्रू चेक-इन और इमिग्रेशन की औपचारिकताएं पूरी कर सकते हैं। इससे हब एयरपोर्ट पर दोबारा बैगेज चेक कराने की जरूरत नहीं पड़ती और टर्मिनल बदलने की प्रक्रिया भी नेटवर्क के भीतर ही संभाली जाती है।
आगे किन शहरों को जोड़ा जाएगा
सरकार की योजना में अहमदाबाद को अगला स्पोक एयरपोर्ट बनाने की तैयारी है। इसके अलावा गोवा और कोच्चि से भी इसी ढांचे में सेवाएं विकसित करने पर काम चल रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने 23 जुलाई 2026 को कहा था कि व्यापक विजन 2047 रणनीति के तहत अगले 10 वर्षों में 100 एयरपोर्ट और 200 हेलीपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- हब-एंड-स्पोक मॉडल में यात्री छोटे स्पोक एयरपोर्ट से बड़े हब एयरपोर्ट के जरिए आगे की उड़ान लेते हैं।
- मौजूदा भारतीय योजना में दिल्ली को केंद्रीय हब एयरपोर्ट के रूप में चुना गया है।
- वाराणसी और अमृतसर को ईजी कनेक्ट सिस्टम के शुरुआती स्पोक एयरपोर्ट बनाया गया है।
- विजन 2047 के तहत भारत में हवाई अड्डों और हेलीपोर्टों के बड़े विस्तार की रूपरेखा बनाई गई है।
इस योजना से छोटे शहरों के यात्रियों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा आसान होने की उम्मीद है और देश के विमानन नेटवर्क को अधिक केंद्रीकृत, तेज और कनेक्टेड बनाने में मदद मिलेगी।