अंकुश पंघाल ने एशियाई खेलों में भारत को दिलाया 80 किग्रा मुक्केबाजी स्वर्ण
भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने 2 अक्टूबर 2026 को आइची-नागोया एशियाई खेलों में पुरुषों की 80 किग्रा मुक्केबाजी स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। फाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया के किम मिन-सियोंग को 4-0 से हराया। यह एशियाई खेलों में पुरुषों की 80 किग्रा बॉक्सिंग श्रेणी में भारत का पहला स्वर्ण पदक है।
फाइनल में एकतरफा जीत
अंकुश ने निर्णायक मुकाबले में शुरुआत से ही आक्रामक और नियंत्रित खेल दिखाया। जजों के सर्वसम्मत रुख ने उनकी स्पष्ट बढ़त को दर्शाया और 4-0 का परिणाम उनके प्रभावी प्रदर्शन की पुष्टि करता है। इस जीत ने भारत के मुक्केबाजी अभियान में एक अहम उपलब्धि जोड़ दी।
सेमीफाइनल से फाइनल तक मजबूत सफर
फाइनल तक पहुंचने का रास्ता भी अंकुश के लिए आसान नहीं था। 29 सितंबर 2026 को हुए सेमीफाइनल में उन्होंने मौजूदा विश्व चैंपियन फजलिद्दीन एर्किनबोएव को 4-1 से हराया था। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि उन्होंने बड़े मंच पर शीर्ष वरीयता और अनुभव वाले प्रतिद्वंद्वी को मात दी।
अंकुश का हालिया फॉर्म भी शानदार रहा है। उन्होंने इससे पहले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स, ग्लासगो में पुरुषों की 80 किग्रा स्पर्धा में स्वर्ण जीता था। इसके अलावा जुलाई 2026 में चेकिया के ग्रां प्री उस्ती नाद लाबेम में भी उन्होंने 80 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था।
80 किग्रा वर्ग और मुक्केबाजी की अहमियत
मुक्केबाजी में भार वर्गों का निर्धारण खिलाड़ियों के बीच समान शारीरिक क्षमता के आधार पर प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है। पुरुषों की 80 किग्रा श्रेणी आधुनिक मुक्केबाजी की मिडिलवेट श्रेणियों में आती है। एशियाई खेलों जैसी प्रतियोगिताओं में यह वर्ग तकनीक, गति और ताकत के संतुलन की परीक्षा माना जाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अंकुश पंघाल का जन्म 13 अगस्त 2005 को हुआ था।
- एशियाई खेल 2026 का आयोजन आइची-नागोया में हुआ।
- फाइनल में अंकुश ने दक्षिण कोरिया के किम मिन-सियोंग को 4-0 से हराया।
- सेमीफाइनल में उन्होंने मौजूदा विश्व चैंपियन फजलिद्दीन एर्किनबोएव को 4-1 से मात दी।
इस स्वर्ण पदक ने अंकुश पंघाल को भारतीय मुक्केबाजी के उभरते सितारों की पंक्ति में और मजबूत कर दिया है। एशियाई स्तर पर उनकी यह सफलता आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के लिए भी भारत की उम्मीदें बढ़ाती है।