सेना के लिए स्वदेशी एक्सट्रीम वेदर डीजल से बढ़ी ठंडे इलाकों की तैयारी
भारतीय सेना ने अत्यधिक ठंडे इलाकों में वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी एक्सट्रीम वेदर ग्रेड (XWG) डीजल पेश किया है। नई दिल्ली में 31 जुलाई 2026 को थलसेना प्रमुख जनरल दिराज सेठ ने इस ईंधन का शुभारंभ किया। भारतीय सेना और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) के संयुक्त प्रयास से विकसित यह डीजल खास तौर पर उन परिस्थितियों के लिए बनाया गया है, जहां तापमान बेहद नीचे चला जाता है और सामान्य ईंधन की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है।
क्यों जरूरी है यह विशेष डीजल
सामान्य डीजल बहुत कम तापमान में गाढ़ा हो सकता है, जिससे ईंधन फिल्टर जाम होने और वाहनों के रुकने जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। ऊंचाई वाले और बर्फीले क्षेत्रों में तैनात सैन्य वाहनों के लिए यह बड़ी चुनौती रहती है। XWG डीजल इस समस्या को कम करने के लिए तैयार किया गया है और यह माइनस 42 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में काम करने में सक्षम बताया गया है। इससे सेना के लॉजिस्टिक और कॉम्बैट वाहनों की गतिशीलता, सुरक्षा और परिचालन उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।
मौजूदा वाहनों में बिना बदलाव के उपयोग
इस ईंधन की एक अहम विशेषता यह है कि इसे भारतीय सेना के मौजूदा वाहन बेड़े में बिना किसी संशोधन के इस्तेमाल किया जा सकता है। यह BS-VI मानकों और IS 1460:2025 विनिर्देशों के अनुरूप है। इसका मतलब है कि यह न केवल तकनीकी रूप से आधुनिक मानकों पर खरा उतरता है, बल्कि मौजूदा सैन्य ढांचे में भी आसानी से अपनाया जा सकता है। सेना के लिए यह पहल परिचालन निरंतरता के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आपूर्ति श्रृंखला और रणनीतिक महत्व
BPCL ने XWG डीजल के लिए बीना रिफाइनरी से बठिंडा स्थित रणनीतिक भंडारण तक आपूर्ति श्रृंखला तैयार की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरत पड़ने पर अग्रिम क्षेत्रों तक ईंधन समय पर पहुंच सके। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन सैन्य तैनातियों के लिए उपयोगी है, जहां मौसम की कठोरता और भौगोलिक कठिनाइयां आपूर्ति को प्रभावित कर सकती हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- XWG डीजल का विकास भारतीय सेना और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने मिलकर किया है।
- यह ईंधन माइनस 42 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में उपयोग के लिए उपयुक्त बताया गया है।
- BS-VI भारत में वाहनों और ईंधनों के लिए लागू उत्सर्जन मानक हैं।
- IS 1460:2025 डीजल ईंधन से जुड़ा भारतीय मानक विनिर्देश है।
कुल मिलाकर, XWG डीजल सेना की ठंडे और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संचालन क्षमता को मजबूत करने वाली एक अहम स्वदेशी पहल है। यह रक्षा लॉजिस्टिक्स में तकनीकी सुधार के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी एक व्यावहारिक कदम माना जा सकता है।