जनरल वी.एन. शर्मा का निधन, भारतीय सेना के इतिहास में दर्ज रहा उनका नेतृत्व
पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल विश्वनाथ शर्मा का 31 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय राजधानी में निधन हो गया। वे भारतीय सेना के 14वें चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ रहे और 1 मई 1988 से 30 जून 1990 तक इस पद पर कार्यरत थे। उनके निधन के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मौजूदा सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने शोक व्यक्त किया। उनका अंतिम संस्कार 1 अगस्त 2026 को सुबह 10:30 बजे दिल्ली कैंट के ब्रार स्क्वायर में किया जाना तय था।
सेना में एक ऐतिहासिक करियर
जनरल वी.एन. शर्मा का सैन्य जीवन भारतीय सेना के उस दौर से जुड़ा रहा, जब स्वतंत्रता के बाद नई नेतृत्व-पीढ़ी उभर रही थी। उन्हें जून 1950 में 16वीं लाइट कैवेलरी में कमीशन मिला था। वे स्वतंत्र भारत के पहले ऐसे कमीशंड अधिकारी बने, जो आगे चलकर थलसेना प्रमुख के पद तक पहुंचे। यह उपलब्धि उनके पेशेवर कौशल, नेतृत्व क्षमता और लंबे सैन्य अनुभव को दर्शाती है।थलसेना प्रमुख भारतीय सेना के पेशेवर प्रमुख होते हैं और देश के सबसे महत्वपूर्ण सैन्य पदों में से एक माने जाते हैं। जनरल शर्मा ने सेना में कई वरिष्ठ कमान पदों पर काम किया और फिर शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचे।
सुमदोरोंग चू में अहम भूमिका
जनरल शर्मा का नाम 1987 के सुमदोरोंग चू सैन्य गतिरोध के संदर्भ में भी याद किया जाता है। उस समय वे पूर्वी सेना कमान के प्रमुख थे और भारत-चीन सीमा के अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में स्थिति को संभालने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। यह घटना भारत-चीन सीमा पर रणनीतिक सतर्कता और सैन्य तैयारी के लिहाज से एक अहम अध्याय मानी जाती है।सीमा क्षेत्रों में ऐसे तनावपूर्ण हालात में कमान संभालना केवल सैन्य तैनाती का मामला नहीं होता, बल्कि कूटनीतिक और रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की भी चुनौती होती है। जनरल शर्मा का कार्यकाल इसी तरह की जिम्मेदारियों के लिए जाना जाता है।
परिवार, विरासत और अंतिम विदाई
जनरल शर्मा एक सैन्य परिवार से आते थे। उनके छोटे भाई मेजर सोम नाथ शर्मा स्वतंत्र भारत के पहले परम वीर चक्र विजेता थे। परम वीर चक्र देश का सर्वोच्च युद्धकालीन सैन्य सम्मान है, जो शत्रु के सामने असाधारण वीरता के लिए दिया जाता है। इस प्रकार परिवार की सैन्य परंपरा भारतीय रक्षा इतिहास में विशेष स्थान रखती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ भारतीय थलसेना के पेशेवर प्रमुख होते हैं।
- 16वीं लाइट कैवेलरी भारतीय सेना की एक बख्तरबंद रेजिमेंट है।
- परम वीर चक्र की स्थापना 1947 में हुई थी और यह भारत का सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता सम्मान है।
- ब्रार स्क्वायर, दिल्ली कैंट, सशस्त्र बलों के कर्मियों के अंतिम संस्कार के लिए उपयोग होने वाला सैन्य स्थल है।
जनरल वी.एन. शर्मा का निधन भारतीय सेना के एक ऐसे अधिकारी के जाने का संकेत है, जिन्होंने स्वतंत्र भारत में सैन्य नेतृत्व की नई परंपरा को मजबूत किया। उनका करियर और सीमा प्रबंधन में भूमिका उन्हें रक्षा इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाती है।