भारतीय नौसेना के डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट बेड़े का पूरा होना
भारतीय नौसेना ने 1 अगस्त 2026 को कोलकाता स्थित टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड के शिपयार्ड में डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट परियोजना का पांचवां और अंतिम जहाज DSC A24 लॉन्च किया। इसके साथ ही पांच जहाजों वाले इस कार्यक्रम का निर्माण पूरा हो गया, जिसे रक्षा मंत्रालय ने 12 फरवरी 2021 को अनुबंधित किया था।
डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट क्यों महत्वपूर्ण हैं
डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट छोटे से मध्यम आकार के नौसैनिक पोत होते हैं, जिनका उपयोग पानी के भीतर डाइविंग ऑपरेशन, निरीक्षण, मरम्मत और बचाव कार्यों के लिए किया जाता है। ये जहाज मुख्य रूप से तटीय और बंदरगाह क्षेत्रों में काम करते हैं, जहां नौसेना को जलमग्न संरचनाओं तक पहुंच, तकनीकी सहायता और त्वरित प्रतिक्रिया की जरूरत होती है।ऐसे पोत नौसैनिक अभियानों में विशेष भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इनके जरिए जहाजों, घाटों, बंदरगाह ढांचों और अन्य समुद्री परिसंपत्तियों की जांच और मरम्मत आसान होती है। आपात स्थिति में ये बचाव और सल्वेज कार्यों में भी मदद करते हैं।
DSC A24 की डिजाइन और तकनीकी विशेषताएं
DSC A24 सहित इस श्रेणी के सभी जहाज कैटामरैन-हुल डिजाइन पर आधारित हैं। इस डिजाइन में दो पतवारें होती हैं, जिससे पोत को अधिक स्थिरता मिलती है और डेक पर अधिक जगह उपलब्ध होती है। छोटे नौसैनिक पोतों के लिए यह संरचना खास तौर पर उपयोगी मानी जाती है।इन जहाजों का विस्थापन लगभग 300 से 400 टन के दायरे में है। इनमें डाइविंग सिस्टम लगाए गए हैं, जिनकी मदद से ऑपरेशनल डाइव, अंडरवाटर इंस्पेक्शन, सल्वेज सहायता और तटीय तैनाती जैसे कार्य किए जा सकते हैं। यह श्रेणी टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड द्वारा बनाई गई है, जिसे पहले टिटागढ़ वैगन्स लिमिटेड के नाम से जाना जाता था।
स्वदेशीकरण और रक्षा उत्पादन में संदेश
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- डाइविंग सपोर्ट क्राफ्ट का उपयोग पानी के भीतर निरीक्षण, मरम्मत और बचाव कार्यों में किया जाता है।
- कैटामरैन-हुल डिजाइन स्थिरता और अधिक डेक स्पेस के लिए जाना जाता है।
- DSC परियोजना का निर्माण कोलकाता स्थित टिटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड के शिपयार्ड में हुआ।
- इस परियोजना के लगभग 70 प्रतिशत मुख्य और सहायक उपकरण भारतीय निर्माताओं से लिए गए हैं।
इस परियोजना में लगभग 70 प्रतिशत मुख्य और सहायक उपकरण भारतीय निर्माताओं से लिए गए हैं। यह रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नौसेना परंपरा के अनुसार DSC A24 का औपचारिक जलावतरण वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह, चीफ ऑफ पर्सनल, की पत्नी श्रीमती कमल सिंह ने किया।DSC A24 के लॉन्च के साथ भारतीय नौसेना की यह विशेष क्षमता और मजबूत हुई है, जो तटीय सुरक्षा, बंदरगाह संचालन और जलमग्न तकनीकी सहायता के लिए उपयोगी साबित होगी।