साइंस एक्सीलेंस फॉर हेल्थ थ्रू एग्रीकल्चरल ट्रांसफॉर्मेशन
भारत में कृषि और स्वास्थ्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने 11 मई 2026 को नई दिल्ली में ‘सेहत’ पहल की शुरुआत की। सेहत का पूरा नाम “साइंस एक्सीलेंस फॉर हेल्थ थ्रू एग्रीकल्चरल ट्रांसफॉर्मेशन” है। यह एक राष्ट्रीय मिशन मोड कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य कृषि अनुसंधान को स्वास्थ्य परिणामों से जोड़ना है।
सेहत पहल का उद्देश्य
सेहत कार्यक्रम को आईसीएमआर और आईसीएआर की संयुक्त पहल के रूप में विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि, पोषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के बीच समन्वय स्थापित करना है। यह पहल भारत में केवल रोगों के इलाज पर आधारित स्वास्थ्य प्रणाली से आगे बढ़कर निवारक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम के तहत पौष्टिक खाद्य उत्पादन, स्वस्थ जीवनशैली और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। इससे लोगों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाने और बीमारियों की रोकथाम में सहायता मिलने की उम्मीद है।
प्रमुख फोकस क्षेत्र
सेहत कार्यक्रम में बायोफोर्टिफाइड फसलों, एकीकृत कृषि प्रणाली, कृषि श्रमिकों के व्यावसायिक स्वास्थ्य और वन हेल्थ तैयारी को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही यह कार्यक्रम कुपोषण और गैर-संचारी रोगों जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी समस्याओं से निपटने पर भी केंद्रित है। एकीकृत कृषि प्रणाली के अंतर्गत खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य संबंधित गतिविधियों को एक ही कृषि व्यवस्था में शामिल किया जाता है। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा को भी मजबूती मिलती है।
बायोफोर्टिफाइड फसलें और क्लिनिकल परीक्षण
आईसीएआर ने अब तक 203 बायोफोर्टिफाइड फसल किस्में विकसित की हैं। इन फसलों में पोषक तत्वों की मात्रा सामान्य फसलों की तुलना में अधिक होती है। अब इन किस्मों का क्लिनिकल ट्रायल सत्यापन आईसीएमआर की भागीदारी से किया जाएगा। बायोफोर्टिफिकेशन वह प्रक्रिया है जिसमें फसलों में पोषक तत्वों की मात्रा को प्रजनन तकनीक या अन्य कृषि विधियों के माध्यम से बढ़ाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को अधिक पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- आईसीएमआर का पूरा नाम भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद है।
- आईसीएआर का पूरा नाम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद है।
- वन हेल्थ एक ऐसा दृष्टिकोण है जो मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य को आपस में जोड़ता है।
- बायोफोर्टिफाइड फसलें मुख्य खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए विकसित की जाती हैं।
भारत वर्तमान में कुपोषण और गैर-संचारी रोगों की दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। ऐसे में सेहत पहल कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र के बीच वैज्ञानिक सहयोग को मजबूत कर देश में बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।