नेशनल फेडरेशन ऑफ चर्चेस इन इंडिया

नेशनल फेडरेशन ऑफ चर्चेस इन इंडिया

भारत में विभिन्न ईसाई संप्रदायों के बीच सहयोग और एकता को मजबूत करने के उद्देश्य से 8 मई 2026 को नेशनल फेडरेशन ऑफ चर्चेस इन इंडिया (एनएफसीआई) का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह घोषणा बेंगलुरु स्थित सेंट जॉन्स नेशनल एकेडमी ऑफ हेल्थ साइंसेज में आयोजित चौथे राष्ट्रीय एक्युमेनिकल बिशप्स फेलोशिप सम्मेलन के दौरान की गई। इस नए संगठन का उद्देश्य देशभर के ईसाई समुदायों के लिए साझा मंच तैयार करना है।

एनएफसीआई क्या है

नेशनल फेडरेशन ऑफ चर्चेस इन इंडिया एक राष्ट्रीय एक्युमेनिकल संस्था है, जो भारत के विभिन्न ईसाई समूहों को एक छत के नीचे लाने का प्रयास करती है। इसमें कैथोलिक, प्रोटेस्टेंट मुख्यधारा के चर्च, इवेंजेलिकल समूह, स्वतंत्र चर्च और पेंटेकोस्टल समुदाय शामिल हैं। एक्युमेनिकल संस्था का अर्थ ऐसे संगठन से है जो अलग-अलग ईसाई संप्रदायों के बीच सहयोग, संवाद और सामंजस्य को बढ़ावा देता है। एनएफसीआई का गठन ईसाई समुदाय से जुड़े साझा मुद्दों पर एक संयुक्त आवाज तैयार करने के लिए किया गया है।

नेतृत्व और प्रमुख पदाधिकारी

एनएफसीआई के पहले अध्यक्ष के रूप में कार्डिनल एंथनी पूला को नियुक्त किया गया है। वे हैदराबाद के आर्चबिशप होने के साथ-साथ कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया के अध्यक्ष भी हैं। इसके अलावा आर्चबिशप जोसेफ डी’सूजा, बिशप जोसेफ कल्लारंगट्ट और बिशप विन्सेंट विनोद कुमार को संगठन का संयोजक बनाया गया है। फादर एंथनीराज थुम्मा, जो सीबीसीआई के राष्ट्रीय सचिव हैं, उन्हें एनएफसीआई का सचिव नियुक्त किया गया है।

भारत में चर्च संरचना और महत्व

कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया भारत में कैथोलिक बिशपों का स्थायी संगठन है, जो चर्च से जुड़े प्रशासनिक और धार्मिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हैदराबाद के आर्चबिशप का पद भारतीय लैटिन कैथोलिक व्यवस्था में वरिष्ठ धार्मिक पदों में गिना जाता है। एनएफसीआई का गठन ऐसे समय में हुआ है जब विभिन्न ईसाई समुदाय सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर सामूहिक प्रतिनिधित्व को अधिक महत्वपूर्ण मान रहे हैं। संगठन का उद्देश्य संवाद, सहयोग और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • नेशनल फेडरेशन ऑफ चर्चेस इन इंडिया का शुभारंभ 8 मई 2026 को किया गया।
  • सेंट जॉन्स नेशनल एकेडमी ऑफ हेल्थ साइंसेज कर्नाटक के बेंगलुरु शहर में स्थित है।
  • कार्डिनल एंथनी पूला हैदराबाद के आर्चबिशप और सीबीसीआई के अध्यक्ष हैं।
  • एनएफसीआई में कैथोलिक, प्रोटेस्टेंट, इवेंजेलिकल, स्वतंत्र चर्च और पेंटेकोस्टल समूह शामिल हैं।

एनएफसीआई का गठन भारत के ईसाई समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह संगठन विभिन्न चर्च समूहों के बीच सहयोग को बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण विकसित करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Originally written on May 11, 2026 and last modified on May 11, 2026.

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