संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव आज
संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 2 जून 2026 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण पद के लिए बांग्लादेश ने अपने विदेश मंत्री खालिलुर रहमान को उम्मीदवार बनाया है, जबकि साइप्रस ने बहुपक्षवाद के विशेष दूत एंड्रियास काकौरिस को मैदान में उतारा है। यह चुनाव वैश्विक कूटनीति और संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के लिए विशेष महत्व रखता है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष का महत्व
संयुक्त राष्ट्र महासभा विश्व के 193 सदस्य देशों का सबसे बड़ा बहुपक्षीय मंच है। महासभा का अध्यक्ष वार्षिक सत्र की बैठकों की अध्यक्षता करता है तथा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देता है। यह पद एक वर्ष के कार्यकाल के लिए चुना जाता है और संयुक्त राष्ट्र के क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व सिद्धांत के तहत विभिन्न क्षेत्रीय समूहों के बीच क्रमवार आधार पर आवंटित किया जाता है। महासभा के अध्यक्ष की भूमिका वैश्विक चुनौतियों, शांति, विकास, मानवाधिकार और सतत विकास जैसे विषयों पर अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाने में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
एशिया-प्रशांत समूह के लिए निर्धारित है पद
81वें सत्र के अध्यक्ष का चुनाव एशिया-प्रशांत समूह से किया जाना है। संयुक्त राष्ट्र में सदस्य देशों को पांच क्षेत्रीय समूहों में विभाजित किया गया है, जिनके आधार पर विभिन्न पदों और प्रतिनिधित्व का निर्धारण किया जाता है। एशिया-प्रशांत समूह संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख क्षेत्रीय समूहों में से एक है और इस बार इसी समूह के देशों को महासभा अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार नामित करने का अवसर मिला है।
चुनाव प्रक्रिया और आगामी कार्यक्रम
चुनाव से पहले 13 मई 2026 को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में दोनों उम्मीदवारों के साथ अनौपचारिक संवाद सत्र आयोजित किए गए थे। इन बैठकों में सदस्य देशों को उम्मीदवारों की प्राथमिकताओं, दृष्टिकोण और कार्ययोजना को समझने का अवसर मिला। संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र 8 सितंबर 2026 से प्रारंभ होगा। इसके बाद उच्च स्तरीय सामान्य बहस 22 सितंबर 2026 से शुरू होगी, जिसमें विश्व के अनेक राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि भाग लेंगे।
उम्मीदवारों का कूटनीतिक अनुभव
बांग्लादेश के उम्मीदवार खालिलुर रहमान एक अनुभवी राजनयिक हैं। वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में कार्य कर चुके हैं तथा रोहिंग्या मुद्दे पर उच्च प्रतिनिधि की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। उनके पास क्षेत्रीय और वैश्विक कूटनीति का व्यापक अनुभव है। दूसरी ओर, साइप्रस के उम्मीदवार एंड्रियास काकौरिस को चार दशक से अधिक का राजनयिक अनुभव प्राप्त है। वे अमेरिका में साइप्रस के राजदूत रह चुके हैं और विदेश मंत्रालय में स्थायी सचिव तथा राज्य सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- संयुक्त राष्ट्र महासभा संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक है।
- महासभा के अध्यक्ष का कार्यकाल एक वर्ष का होता है।
- संयुक्त राष्ट्र के पांच क्षेत्रीय समूह हैं—अफ्रीका, एशिया-प्रशांत, पूर्वी यूरोप, लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियाई, तथा पश्चिमी यूरोप एवं अन्य समूह।
- बांग्लादेश ने इससे पहले 1986-87 में महासभा की अध्यक्षता की थी, जबकि साइप्रस को अब तक यह पद प्राप्त नहीं हुआ है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष पद का चुनाव वैश्विक कूटनीति के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुना गया अध्यक्ष आगामी वर्ष में महासभा की कार्यवाही का नेतृत्व करेगा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।