प्रयोगशाला पशु कल्याण सम्मेलन

प्रयोगशाला पशु कल्याण सम्मेलन

पशु कल्याण और वैज्ञानिक अनुसंधान में नैतिक मानकों को मजबूत करने के उद्देश्य से 11 मई 2026 को नई दिल्ली में “लेबोरेटरी एनिमल वेलफेयर: पॉलिसीज एंड बेस्ट प्रैक्टिसेज” विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन पशुपालन और डेयरी विभाग के अंतर्गत कार्यरत कमेटी फॉर कंट्रोल एंड सुपरविजन ऑफ एक्सपेरिमेंट्स ऑन एनिमल्स द्वारा किया गया।

सीसीएसईए क्या है

कमेटी फॉर कंट्रोल एंड सुपरविजन ऑफ एक्सपेरिमेंट्स ऑन एनिमल्स, जिसे सीसीएसईए कहा जाता है, भारत में पशुओं पर होने वाले वैज्ञानिक प्रयोगों के नियमन से जुड़ी वैधानिक संस्था है। यह भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग के अंतर्गत कार्य करती है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैज्ञानिक अनुसंधान में उपयोग किए जाने वाले पशुओं के साथ मानवीय और नैतिक व्यवहार किया जाए। समिति प्रयोगशालाओं और अनुसंधान संस्थानों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी करती है।

प्रयोगशाला पशु कल्याण का महत्व

प्रयोगशाला पशु कल्याण में पशुओं की देखभाल, आवास, प्रबंधन और प्रयोगों के दौरान उनकी सुरक्षा से जुड़े मानक शामिल होते हैं। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के दौरान पशुओं को होने वाले दर्द, तनाव और कष्ट को कम करना है। सम्मेलन में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार पशु कल्याण की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को अपनाने पर चर्चा की गई। इसके साथ ही अनुसंधान में जिम्मेदार और मानवीय दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

अनुसंधान नैतिकता और 3आर सिद्धांत

सम्मेलन में शोध नैतिकता और पशु प्रयोगों से जुड़े नियामक ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रयोगशाला पशु कल्याण को 3आर सिद्धांतों से जोड़ा जाता है, जिनमें रिप्लेसमेंट, रिडक्शन और रिफाइनमेंट शामिल हैं। रिप्लेसमेंट का अर्थ पशुओं के स्थान पर वैकल्पिक तकनीकों का उपयोग करना है। रिडक्शन का उद्देश्य प्रयोगों में कम से कम पशुओं का उपयोग करना है, जबकि रिफाइनमेंट के तहत ऐसी प्रक्रियाओं को बढ़ावा दिया जाता है जिससे पशुओं की पीड़ा कम हो सके।

प्रमुख प्रतिभागी

सम्मेलन के मुख्य अतिथि केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह थे। इसके अलावा केंद्रीय राज्य मंत्री प्रोफेसर एस. पी. सिंह बघेल और पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ कार्यक्रम में शामिल हुए।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारत में पशुओं पर होने वाले प्रयोगों का नियमन सीसीएसईए द्वारा किया जाता है।
  • पशुपालन और डेयरी विभाग, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
  • 3आर सिद्धांत में रिप्लेसमेंट, रिडक्शन और रिफाइनमेंट शामिल हैं।
  • नई दिल्ली भारत की राष्ट्रीय राजधानी है और केंद्रीय सरकारी सम्मेलनों का प्रमुख केंद्र मानी जाती है।

यह सम्मेलन वैज्ञानिक अनुसंधान में नैतिकता और पशु कल्याण के महत्व को रेखांकित करता है। भविष्य में ऐसे प्रयास अनुसंधान प्रक्रियाओं को अधिक जिम्मेदार, मानवीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने में सहायक साबित हो सकते हैं।

Originally written on May 11, 2026 and last modified on May 11, 2026.

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