सरकारी वाहनों के दुरुपयोग पर सख्ती, एक अधिकारी को अब एक ही कार
केंद्र सरकार ने सरकारी वाहनों के आवंटन और उपयोग को लेकर नियम और कड़े कर दिए हैं। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 28-29 जुलाई 2026 को सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को निर्देश जारी कर स्पष्ट किया कि जिस अधिकारी को एक स्टाफ कार का अधिकार है, उसे अतिरिक्त प्रभार के आधार पर दूसरी सरकारी गाड़ी नहीं दी जाएगी। यह कदम सरकारी वाहन-फ्लीट के बेहतर उपयोग और अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।
क्या बदला है नया नियम
संशोधित व्यवस्था के तहत अब किसी वरिष्ठ अधिकारी को केवल इसलिए दूसरी सरकारी कार नहीं मिलेगी कि उसके पास किसी अन्य मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम या स्वायत्त संस्था का अतिरिक्त प्रभार है। यह नियम उन केंद्रीय अधिकारियों पर लागू होगा, जिन्हें पहले से आधिकारिक स्टाफ कार का अधिकार प्राप्त है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वाहन आवंटन पद और वास्तविक आवश्यकता के आधार पर हो, न कि अतिरिक्त जिम्मेदारी के नाम पर दोहरा लाभ मिले।
पीएसयू और स्वायत्त संस्थाओं के वाहन पर भी रोक
निर्देश में यह भी कहा गया है कि केंद्रीय सरकारी अधिकारी सामान्य परिस्थितियों में सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, स्वायत्त निकायों या अर्ध-सरकारी संगठनों के वाहनों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। इसका एकमात्र अपवाद तब होगा, जब अधिकारी आधिकारिक दौरे पर हों या सरकारी ड्यूटी निभा रहे हों। यह प्रावधान केंद्रीय मंत्रालयों और उनसे संबद्ध कार्यालयों में वाहन उपयोग की सीमा को और स्पष्ट करता है।
बेकार खड़ी गाड़ियों पर भी निगरानी
व्यय विभाग ने मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया है कि जिन वाहनों का उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाए। इससे सरकारी गाड़ियों के दुरुपयोग, अनधिकृत उपयोग और अनावश्यक आवंटन की संभावना कम होगी। साथ ही, यह व्यवस्था सरकारी वाहन बेड़े के अधिक प्रभावी उपयोग की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- व्यय विभाग, वित्त मंत्रालय के अधीन काम करता है और केंद्र सरकार के वित्तीय नियंत्रण से जुड़े निर्देश जारी करता है।
- ऑफिस मेमोरेंडम सरकारी विभागों की एक आधिकारिक प्रशासनिक संचार प्रणाली है।
- स्टाफ कार वह आधिकारिक वाहन है, जो पात्र अधिकारियों को सरकारी कार्यों के लिए आवंटित किया जाता है।
- 1 सितंबर 2022 को स्टाफ कार उपयोग पर समेकित निर्देश जारी किए गए थे, जिन्हें अब अपडेट किया गया है।
इस नए निर्देश से केंद्र सरकार के कार्यालयों में वाहन आवंटन की पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, यह संदेश भी गया है कि सरकारी संसाधनों का उपयोग केवल अधिकृत और आवश्यक कार्यों के लिए ही किया जाना चाहिए।