अरुणाचल में मिली दुर्लभ ‘घोस्ट ऑर्किड’ ने बढ़ाई जैव विविधता की अहमियत

अरुणाचल में मिली दुर्लभ ‘घोस्ट ऑर्किड’ ने बढ़ाई जैव विविधता की अहमियत

अरुणाचल प्रदेश के कीयी पन्योर जिले में एक बेहद दुर्लभ, पत्तीविहीन ऑर्किड प्रजाति Gastrodia keyiensis का रिकॉर्ड मिला है। यह खोज एक दूरस्थ घाटी में की गई वनस्पति सर्वेक्षण के दौरान सामने आई, जहां यह पौधा लगभग 1,000 मीटर की ऊंचाई पर घने छायादार और सड़ी हुई पत्तियों वाले क्षेत्र में पाया गया। इस प्रजाति का औपचारिक वैज्ञानिक वर्णन 9 सितंबर 2026 को Phytotaxa में प्रकाशित किया गया।

क्या है Gastrodia keyiensis और क्यों है खास

यह ऑर्किड Gastrodia वंश से संबंधित है, जिसकी प्रजातियां आमतौर पर पत्तियों के बिना और जमीन के भीतर या छिपी हुई वृद्धि-प्रकृति के लिए जानी जाती हैं। इस प्रजाति की सबसे खास बात यह है कि यह holomycotrophic है, यानी इसमें न तो पत्तियां होती हैं और न ही क्लोरोफिल। यह प्रकाश संश्लेषण नहीं करती, बल्कि पोषण के लिए मिट्टी में मौजूद फफूंदों पर निर्भर रहती है।

सर्वेक्षण के दौरान इसके केवल पांच पुष्पित पौधे दर्ज किए गए, जिससे इसकी दुर्लभता का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्थानीय स्तर पर इसे नयीशी बोली में “Oram Opuh” कहा जाता है।

पौधे की बनावट और पहचान

यह ऑर्किड लगभग 35 सेंटीमीटर तक ऊंचा हो सकता है और इसमें एक से तीन फूल लगते हैं। इसके फूल सफेद से हल्के नीले रंग के होते हैं। इसकी सबसे विशिष्ट पहचान इसका पीला और काफी मुड़ा हुआ labellum है, जो ऑर्किड के फूल का एक विशेष पंखुड़ी-सदृश भाग होता है।

ऐसे पौधों की पहचान आसान नहीं होती, क्योंकि इनका जीवन-चक्र काफी हद तक भूमिगत या छिपा हुआ होता है। यही कारण है कि इनके बारे में विस्तृत क्षेत्रीय अध्ययन और दस्तावेजीकरण की आवश्यकता बनी रहती है।

संरक्षण और वैज्ञानिक महत्व

इस प्रजाति को संरक्षण आकलन में Data Deficient श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि इसका वितरण क्षेत्र सीमित है और इसका फूलने का समय भी बहुत छोटा है। सीमित उपलब्धता और कम संख्या इसे संवेदनशील बनाती है।

इस खोज में जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान और भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण के शोधकर्ता शामिल थे। यह खोज पूर्वोत्तर भारत की जैव विविधता की समृद्धि को रेखांकित करती है और यह भी दिखाती है कि दुर्गम क्षेत्रों में अभी भी कई दुर्लभ प्रजातियां दर्ज होना बाकी हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • Phytotaxa पौधों की वर्गिकी और नई प्रजातियों पर शोध प्रकाशित करने वाली अंतरराष्ट्रीय पत्रिका है।
  • Holomycotrophic पौधे प्रकाश संश्लेषण नहीं करते और पोषण के लिए फफूंदों पर निर्भर रहते हैं।
  • Gastrodia वंश की कई प्रजातियां पत्तीविहीन होती हैं और जमीन के भीतर छिपी वृद्धि-प्रकृति दिखाती हैं।
  • Data Deficient का अर्थ है कि किसी प्रजाति पर उपलब्ध जानकारी संरक्षण स्थिति तय करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

अरुणाचल प्रदेश से मिली यह खोज न केवल एक नई ऑर्किड प्रजाति की पहचान है, बल्कि हिमालयी क्षेत्र में अब भी अनदेखी जैव विविधता के मौजूद होने का महत्वपूर्ण संकेत भी है।

Originally written on September 21, 2026 and last modified on September 21, 2026.

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