केरल में प्रशासनिक सुधारों की नई पहल, परियोजनाओं और संपत्तियों पर बढ़ेगी निगरानी

केरल में प्रशासनिक सुधारों की नई पहल, परियोजनाओं और संपत्तियों पर बढ़ेगी निगरानी

केरल मंत्रिमंडल ने 29 जुलाई 2026 को शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और जवाबदेह बनाने के लिए पांच बड़े प्रशासनिक सुधारों को मंजूरी दी। इन सुधारों का उद्देश्य सरकारी संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन, परियोजनाओं की सटीक निगरानी, संस्थानों का समेकित रिकॉर्ड, पुराने कानूनों की समीक्षा और प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। सरकार का मानना है कि इससे परियोजनाओं में देरी से होने वाले राजस्व नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से संपत्तियों का केंद्रीकृत रिकॉर्ड

सुधार पैकेज का एक प्रमुख हिस्सा SAMPATH नाम का डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका पूरा नाम Special Asset Management Platform for Administration, Tracking and Harmonisation है। यह राज्य सरकार की संपत्तियों का केंद्रीकृत रिकॉर्ड तैयार करेगा। इसमें भूमि, भवन और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी संपत्तियों की जानकारी एक ही प्रणाली में उपलब्ध होगी। इससे संपत्ति प्रबंधन में बिखराव कम होगा और प्रशासनिक निगरानी मजबूत होगी।इसके साथ ही PlanSpace 2.0 नामक GIS-आधारित परियोजना रजिस्ट्री को भी विस्तार दिया गया है। यह प्रणाली सरकारी विभागों की पूंजीगत परियोजनाओं का स्थान, कार्यान्वयन एजेंसी, वित्तपोषण और निर्माण की स्थिति दर्ज करेगी। इससे परियोजनाओं की प्रगति को भौगोलिक और तकनीकी आधार पर ट्रैक करना आसान होगा।

591 संस्थानों का नया रजिस्टर और कानूनों की समीक्षा

कैबिनेट ने केरल के 591 सरकारी संस्थानों का एक व्यापक रजिस्टर तैयार करने को भी मंजूरी दी है। इस कदम का उद्देश्य यह समझना है कि कौन-से संस्थान किस कार्य के लिए बने थे और किन संस्थानों का संचालन अब भी समान या दोहराव वाले उद्देश्यों के साथ हो रहा है। सरकार ऐसे संस्थानों के एकीकरण पर भी विचार करेगी, ताकि प्रशासनिक ढांचा अधिक तर्कसंगत बन सके।इसके अलावा पुराने, अनावश्यक और परस्पर विरोधी कानूनों की समीक्षा का निर्णय लिया गया है। इस कानूनी समीक्षा का मकसद उन प्रावधानों की पहचान करना है जो मौजूदा नियमों के लागू होने में बाधा बनते हैं। इससे नियमों को समयानुकूल बनाने और प्रशासनिक उलझनों को कम करने में मदद मिल सकती है।

प्रक्रिया सरलीकरण और विभागीय समन्वय पर जोर

सुधारों के तीसरे बड़े हिस्से में प्रक्रिया पुनर्गठन यानी process re-engineering शामिल है। इसके तहत वित्त, कानून, कर, राजस्व, स्थानीय स्वशासन और उद्योग जैसे प्रमुख विभागों में प्रक्रियाओं को सरल और आधुनिक बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि निर्णय लेने की गति बढ़े और फाइलों की अनावश्यक देरी कम हो।इन सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार ने सचिवों की एक Empowered Committee को भी मंजूरी दी है, जो परियोजनाओं को प्राथमिकता देगी और विभागों के बीच समन्वय बेहतर करेगी। इस पूरे सुधार पैकेज की अगुवाई सामान्य प्रशासन विभाग कर रहा है, जिसे डिजिटल प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • SAMPATH का पूरा नाम Special Asset Management Platform for Administration, Tracking and Harmonisation है।
  • PlanSpace 2.0 एक GIS-आधारित परियोजना रजिस्ट्री है, जिसमें परियोजनाओं की भौगोलिक जानकारी दर्ज होगी।
  • केरल में 591 सरकारी संस्थानों का नया रजिस्टर तैयार किया जाएगा।
  • इन सुधारों के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।

कुल मिलाकर, केरल का यह सुधार पैकेज प्रशासनिक पारदर्शिता, डिजिटल निगरानी और संस्थागत दक्षता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो राज्य की परियोजना प्रबंधन प्रणाली और सरकारी सेवाओं की कार्यक्षमता में स्पष्ट सुधार देखने को मिल सकता है।

Originally written on July 29, 2026 and last modified on July 29, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *