सविता पुनिया बनीं भारतीय महिला हॉकी की सबसे अनुभवी खिलाड़ी
भारतीय महिला हॉकी की दिग्गज गोलकीपर सविता पुनिया ने 21 सितंबर 2026 को एक बड़ा कीर्तिमान अपने नाम किया। वे भारतीय महिला हॉकी इतिहास में सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने पूर्व स्ट्राइकर वंदना कटारिया के 320 सीनियर इंटरनेशनल मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। यह उपलब्धि एशियन गेम्स 2026 में जापान के आइची-नागोया में इंडोनेशिया के खिलाफ भारत के पूल बी मुकाबले के दौरान दर्ज हुई।
रिकॉर्ड तक पहुंचने का सफर
सविता पुनिया ने 2009 में सीनियर अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी और तब से वह भारतीय टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रही हैं। उन्होंने 20 सितंबर 2026 को उज्बेकिस्तान के खिलाफ भारत की 19-0 की जीत में वंदना कटारिया के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। इसके अगले ही दिन उन्होंने नया रिकॉर्ड बना दिया। फरवरी 2025 में उन्होंने नीदरलैंड्स के खिलाफ एफआईएच हॉकी प्रो लीग मैच में अपना 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था, जो उनके लंबे और स्थिर करियर का अहम पड़ाव था।
वंदना कटारिया का रिकॉर्ड और भारतीय हॉकी में उनका योगदान
वंदना कटारिया ने अप्रैल 2025 में संन्यास लिया था। उनके नाम 320 मैचों के साथ 158 गोल भी दर्ज हैं। एक स्ट्राइकर के रूप में उन्होंने भारतीय महिला हॉकी को कई यादगार जीतें दिलाईं और लंबे समय तक सबसे अधिक सीनियर इंटरनेशनल अपीयरेंस का रिकॉर्ड अपने पास रखा। सविता का इस रिकॉर्ड को तोड़ना भारतीय महिला हॉकी में निरंतरता, फिटनेस और प्रदर्शन की स्थिरता का प्रतीक माना जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- हॉकी में कैप का अर्थ किसी राष्ट्रीय टीम के लिए आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय मैच में एक उपस्थिति से है।
- सविता पुनिया एक गोलकीपर हैं और उन्हें “The Wall of India” के नाम से भी जाना जाता है।
- एशियन गेम्स 2026 का आयोजन आइची-नागोया, जापान में हुआ।
- पद्म श्री भारत के चार पद्म पुरस्कारों में से एक है; अन्य हैं पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री।
सम्मान और उपलब्धि का महत्व
हॉकी इंडिया ने सविता पुनिया के इस रिकॉर्ड के बाद उन्हें 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। उन्हें 2026 में पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया, जो भारतीय खेलों में उनके योगदान की आधिकारिक मान्यता है। यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारतीय महिला हॉकी के उस दौर की भी पहचान है जिसमें अनुभवी खिलाड़ियों ने टीम को लगातार मजबूती दी है।
सविता पुनिया का यह रिकॉर्ड भारतीय हॉकी के लिए प्रेरक उपलब्धि है। लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बने रहना आसान नहीं होता, और सविता ने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया है कि निरंतरता भी उतनी ही बड़ी उपलब्धि है जितनी गोल या जीत।