फिलीपींस में भारतीय नौसेना की मौजूदगी से इंडो-पैसिफिक सहयोग को नई गति
भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश 20 सितंबर 2026 को फिलीपींस के सुबिक बे पहुंचे, जहां वे ASEAN Defence Ministers’ Meeting-Plus (ADMM-Plus) की संयुक्त सहयोग गतिविधि में हिस्सा ले रहे हैं। यह तैनाती इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की सक्रिय समुद्री उपस्थिति और साझेदार देशों के साथ सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
ADMM-Plus और समुद्री सहयोग का मंच
ADMM-Plus, ASEAN सदस्य देशों और आठ संवाद साझेदारों के बीच रक्षा सहयोग का एक प्रमुख मंच है। सुबिक बे में 20 से 26 सितंबर 2026 तक चल रही यह संयुक्त गतिविधि समुद्री सुरक्षा से जुड़े पेशेवर और परिचालन स्तर के संवाद को बढ़ावा देती है। इसकी सह-मेजबानी जापान और फिलीपींस कर रहे हैं।
इस अभ्यास में नौसैनिक और समुद्री इकाइयाँ शामिल हैं, जिनके बीच इंटरऑपरेबिलिटी ड्रिल्स, विषय विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श और समन्वित समुद्री गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य अलग-अलग देशों की नौसेनाओं के बीच तालमेल, प्रतिक्रिया क्षमता और साझा समुद्री चुनौतियों से निपटने की तैयारी को बेहतर बनाना है।
हार्बर और सी फेज में क्या होगा
ADMM-Plus Experts’ Working Group on Maritime Security की यह संयुक्त गतिविधि दो चरणों में हो रही है—हार्बर फेज और सी फेज। हार्बर फेज के दौरान सुबिक बे में आपदा-प्रतिक्रिया से जुड़ा टेबलटॉप अभ्यास, विशेषज्ञों के बीच तकनीकी आदान-प्रदान और भाग लेने वाले जहाजों पर ओपन हाउस कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसके बाद सी फेज में समन्वित समुद्री संचालन होंगे, जिनमें विभिन्न नौसैनिक इकाइयों के बीच संयुक्त अभ्यास और संचालनात्मक तालमेल पर जोर रहेगा। इस बार की थीम है: “Enhancing Maritime Security and Environmental Resilience in Response to Climate Change”, यानी जलवायु परिवर्तन के जवाब में समुद्री सुरक्षा और पर्यावरणीय लचीलापन बढ़ाना।
भारत के लिए रणनीतिक महत्व
भारत की भागीदारी एक्ट ईस्ट पॉलिसी और MAHASAGAR विजन के अनुरूप है, जिसका अर्थ है Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions। यह तैनाती भारत और फिलीपींस के बीच समुद्री सहयोग को भी आगे बढ़ाती है, जिनके बीच रणनीतिक साझेदारी अगस्त 2025 में स्थापित हुई थी।
इस अभ्यास का दायरा केवल पारंपरिक समुद्री सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रतिक्रिया, UNCLOS यानी United Nations Convention on the Law of the Sea, और महत्वपूर्ण अंडरवाटर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे विषय भी शामिल हैं। 21 सितंबर 2026 को ओलोंगापो सिटी, ज़ाम्बालेस में उद्घाटन समारोह के दौरान फिलीपींस के रक्षा सचिव गिल्बर्टो सी. टेओडोरो जूनियर ने भाग लेने वाली नौसेनाओं को संबोधित किया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ADMM-Plus ASEAN के रक्षा सहयोग का मंच है, जिसमें 10 ASEAN देशों के साथ 8 संवाद साझेदार शामिल होते हैं।
- सुबिक बे फिलीपींस का एक महत्वपूर्ण नौसैनिक और लॉजिस्टिक केंद्र है।
- UNCLOS समुद्री कानून से जुड़ा अंतरराष्ट्रीय ढांचा है, जो समुद्री अधिकारों और दायित्वों को परिभाषित करता है।
- आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश भारतीय नौसेना के ऐसे जहाज हैं जो समुद्री सहयोग और अभ्यासों में भाग लेते हैं।
सुबिक बे में भारतीय नौसेना की यह भागीदारी दिखाती है कि भारत अब क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा, आपदा-प्रबंधन और बहुपक्षीय रक्षा सहयोग में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रहा है।