वैज्ञानिकों ने 10 अरब वर्ष पुराना फास्ट रेडियो बर्स्ट खोजा
वैज्ञानिकों ने एक अत्यंत दूरस्थ और शक्तिशाली फास्ट रेडियो बर्स्ट (FRB) का पता लगाया है, जिसका नाम “FRB 20240304B” रखा गया है। यह रेडियो संकेत लगभग 10 अरब वर्षों तक अंतरिक्ष में यात्रा करने के बाद पृथ्वी तक पहुँचा। इस संकेत का पहली बार 4 मार्च 2024 को दक्षिण अफ्रीका स्थित “मीरकैट” रेडियो टेलीस्कोप द्वारा पता लगाया गया था। बाद में वैज्ञानिकों ने जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की सहायता से इसके स्रोत आकाशगंगा की पहचान की। यह एक छोटी, अनियमित और कम द्रव्यमान वाली तारा-निर्माण करने वाली बौनी आकाशगंगा पाई गई। इस खोज को ब्रह्मांड के प्रारंभिक इतिहास और आकाशगंगाओं के विकास को समझने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फास्ट रेडियो बर्स्ट क्या होते हैं
फास्ट रेडियो बर्स्ट अत्यंत तीव्र और बहुत कम समय तक रहने वाले रेडियो तरंगों के विस्फोट होते हैं, जो दूरस्थ खगोलीय स्रोतों से उत्पन्न होते हैं। ये संकेत कुछ मिलीसेकंड तक ही रहते हैं, लेकिन इनकी ऊर्जा अत्यधिक होती है। वैज्ञानिक FRBs का अध्ययन “डिस्पर्शन मेजर”, “रेडशिफ्ट” और उनके स्रोत आकाशगंगा की पहचान के आधार पर करते हैं। इन संकेतों की सहायता से अंतर-आकाशगंगीय माध्यम, आकाशगंगा विकास और मैग्नेटार जैसे सघन खगोलीय पिंडों के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है।
कॉस्मिक नून और रेडशिफ्ट का महत्व
FRB 20240304B उस समय उत्पन्न हुआ था जब ब्रह्मांड लगभग 3 अरब वर्ष पुराना था। इस काल को “कॉस्मिक नून” कहा जाता है। यह वह समय था जब ब्रह्मांड में तारों का निर्माण सबसे अधिक हो रहा था। इस खोज ने स्थानीयकृत फास्ट रेडियो बर्स्ट के रेडशिफ्ट दायरे को लगभग दोगुना कर दिया है। रेडशिफ्ट किसी वस्तु की दूरी और ब्रह्मांडीय विस्तार को मापने का महत्वपूर्ण वैज्ञानिक माध्यम है।
मीरकैट और जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप
मीरकैट दक्षिण अफ्रीका में स्थित एक शक्तिशाली रेडियो टेलीस्कोप प्रणाली है, जो रेडियो तरंगों पर कार्य करती है। वहीं जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप अवरक्त खगोल विज्ञान के लिए विकसित अंतरिक्ष वेधशाला है, जिसे 2021 में प्रक्षेपित किया गया था। जेम्स वेब टेलीस्कोप दूरस्थ आकाशगंगाओं, तारों और ग्रह प्रणालियों के अध्ययन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा यूरोप का “लो-फ्रीक्वेंसी एरे” (LOFAR) भी कम आवृत्ति वाले रेडियो अवलोकनों के लिए उपयोग किया जाता है।
गैलेक्सी क्लस्टर और मिनी-हेलो
जून 2025 में वैज्ञानिकों ने LOFAR की सहायता से “स्पार्क्स1049” नामक गैलेक्सी क्लस्टर के चारों ओर एक रेडियो मिनी-हेलो का पता लगाया था। यह मिनी-हेलो 10 अरब प्रकाश-वर्ष दूर स्थित है और इसका विस्तार 10 लाख प्रकाश-वर्ष से अधिक है। गैलेक्सी क्लस्टर ब्रह्मांड की सबसे बड़ी गुरुत्वाकर्षण से बंधी संरचनाएँ मानी जाती हैं और इनके अध्ययन से ब्रह्मांड की संरचना और विकास को समझने में सहायता मिलती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- FRB 20240304B एक फास्ट रेडियो बर्स्ट है, न कि निरंतर रेडियो स्रोत।
- जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप का प्रक्षेपण वर्ष 2021 में हुआ था।
- LOFAR यूरोप का कम आवृत्ति वाला रेडियो टेलीस्कोप नेटवर्क है।
- मैग्नेटार अत्यधिक चुंबकीय न्यूट्रॉन तारे होते हैं और FRBs के संभावित स्रोत माने जाते हैं।
यह खोज ब्रह्मांड के शुरुआती काल और दूरस्थ आकाशगंगाओं को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि मानी जा रही है। फास्ट रेडियो बर्स्ट जैसे रहस्यमय संकेत भविष्य में अंतरिक्ष विज्ञान और ब्रह्मांडीय संरचना के अध्ययन को नई दिशा दे सकते हैं।