लाइनशाइन बना दुनिया का सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर

लाइनशाइन बना दुनिया का सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर

उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग (एचपीसी) के क्षेत्र में चीन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए दुनिया के सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर का स्थान प्राप्त कर लिया है। 23 जून 2026 को जारी टॉप500 सूची के 67वें संस्करण में चीन का ‘लाइनशाइन’ सुपरकंप्यूटर पहले स्थान पर रहा। यह प्रणाली चीन के शेनझेन स्थित राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग केंद्र में स्थापित है और इसने 2.198 एक्साफ्लॉप्स का प्रदर्शन दर्ज किया, जो प्रति सेकंड 2 क्विंटिलियन से अधिक गणनाओं के बराबर है। इस उपलब्धि ने वैश्विक सुपरकंप्यूटिंग प्रतिस्पर्धा में चीन की तकनीकी क्षमता को एक बार फिर उजागर किया है।

टॉप500 सूची और एक्सास्केल कंप्यूटिंग

टॉप500 सूची दुनिया के 500 सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटरों की रैंकिंग प्रस्तुत करती है। यह सूची वर्ष में दो बार प्रकाशित की जाती है और इसमें कंप्यूटरों का मूल्यांकन हाई परफॉर्मेंस लिनपैक (एचपीएल) बेंचमार्क के आधार पर किया जाता है। एक्सास्केल कंप्यूटिंग उन प्रणालियों को कहा जाता है जो कम से कम एक एक्साफ्लॉप यानी 10¹⁸ फ्लोटिंग-पॉइंट ऑपरेशन्स प्रति सेकंड करने में सक्षम हों। इस स्तर की कंप्यूटिंग क्षमता वैज्ञानिक अनुसंधान, मौसम पूर्वानुमान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रक्षा और जटिल डेटा विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

लाइनशाइन की प्रमुख विशेषताएं

लाइनशाइन सुपरकंप्यूटर पूरी तरह सीपीयू-आधारित डिजाइन पर विकसित किया गया है। इसमें चीन द्वारा विकसित एक विशेष 304-कोर प्रोसेसर का उपयोग किया गया है। यह प्रणाली लगभग 13.79 मिलियन कोर से लैस है, जो इसे अत्यधिक जटिल गणनाओं को तेज गति से करने में सक्षम बनाती है। ऊर्जा खपत की बात करें तो लाइनशाइन लगभग 42.2 मेगावाट बिजली का उपयोग करता है। इतनी विशाल क्षमता के बावजूद इसकी दक्षता और प्रदर्शन ने इसे वैश्विक रैंकिंग में शीर्ष स्थान दिलाया है।

वैश्विक रैंकिंग में चीन की वापसी

लाइनशाइन ने अमेरिका के लॉरेंस लिवरमोर नेशनल लेबोरेटरी में स्थापित ‘एल कैपिटन’ सुपरकंप्यूटर को पीछे छोड़ दिया। एल कैपिटन ने 1.809 एक्साफ्लॉप्स का प्रदर्शन दर्ज किया और जून 2026 की टॉप500 सूची में दूसरा स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्ष 2017 के बाद पहली बार किसी चीनी सुपरकंप्यूटर ने टॉप500 सूची में पहला स्थान हासिल किया है। इससे पहले चीन का ‘सनवे ताइहूलाइट’ सुपरकंप्यूटर विश्व में शीर्ष स्थान पर रह चुका था। यह सफलता चीन की घरेलू चिप और सुपरकंप्यूटिंग तकनीक के विकास को दर्शाती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • टॉप500 सूची वर्ष में दो बार प्रकाशित की जाती है और इसमें हाई परफॉर्मेंस लिनपैक बेंचमार्क का उपयोग किया जाता है।
  • एक्सास्केल सिस्टम वह होते हैं जिनकी क्षमता कम से कम एक एक्साफ्लॉप यानी 10¹⁸ ऑपरेशन्स प्रति सेकंड होती है।
  • जून 2026 में लाइनशाइन टॉप500 सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाला पहला चीनी एक्सास्केल सुपरकंप्यूटर बना।
  • जून 2026 की रैंकिंग में कुल पांच एक्सास्केल सिस्टम शामिल थे, जिनमें तीन अमेरिका, एक चीन और एक जर्मनी का था।
  • जर्मनी का ‘ज्यूपिटर बूस्टर’ भी जून 2026 की टॉप500 सूची में शामिल प्रमुख एक्सास्केल प्रणालियों में से एक था।

सुपरकंप्यूटिंग आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी की आधारशिला बन चुकी है। लाइनशाइन की सफलता न केवल चीन की तकनीकी प्रगति का प्रतीक है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग की बढ़ती प्रतिस्पर्धा को भी दर्शाती है। आने वाले वर्षों में ऐसी प्रणालियां कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु अनुसंधान और वैज्ञानिक नवाचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

Originally written on June 24, 2026 and last modified on June 24, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *