यूरोपीय संघ ने पैक्स सिलिका पहल में शामिल होकर एआई सहयोग को दी नई दिशा
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और उससे जुड़ी आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित एवं मजबूत बनाने के लिए वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ रहा है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए यूरोपीय संघ (ईयू) ने 3 जून 2026 को अमेरिका के नेतृत्व वाली ‘पैक्स सिलिका’ पहल में शामिल होने का निर्णय लिया। इस घोषणा ने वैश्विक तकनीकी और भू-आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म दिया है। यह पहल विशेष रूप से एआई पारिस्थितिकी तंत्र, सेमीकंडक्टर उत्पादन, महत्वपूर्ण खनिजों और डिजिटल अवसंरचना को सुरक्षित बनाने पर केंद्रित है।
पैक्स सिलिका क्या है?
पैक्स सिलिका एक रणनीतिक ढांचा है, जिसकी शुरुआत अमेरिका ने दिसंबर 2025 में की थी। इसका उद्देश्य सहयोगी देशों के बीच एआई से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखलाओं का समन्वय बढ़ाना और संवेदनशील तकनीकों के निर्यात नियंत्रण को मजबूत करना है। इस पहल का दायरा कंप्यूटिंग क्षमता, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा संसाधन तथा डिजिटल अवसंरचना तक फैला हुआ है। इस पहल के माध्यम से सदस्य देश एक सुरक्षित, विश्वसनीय और नवाचार-आधारित सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, एआई प्रणालियों में उपयोग होने वाली उन्नत तकनीकों के निर्यात पर सामूहिक नीति समन्वय भी इसका प्रमुख लक्ष्य है।
यूरोपीय संघ का शामिल होना क्यों महत्वपूर्ण है?
यूरोपीय आयोग को सदस्य देशों से इस पहल में शामिल होने की औपचारिक मंजूरी प्राप्त हुई। हालांकि फ्रांस ने प्रारंभिक स्तर पर कुछ आपत्तियां जताई थीं, लेकिन जर्मनी, इटली और नीदरलैंड्स ने एक साझा यूरोपीय रुख का समर्थन किया। बाद में यूरोपीय आयोग ने यह सुनिश्चित किया कि पैक्स सिलिका घोषणा केवल एक गैर-बाध्यकारी राजनीतिक वक्तव्य होगी और इससे यूरोपीय संघ की नियामक स्वतंत्रता या आंतरिक निर्णय प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। इस समझौते के तहत यूरोपीय संघ ने व्यापक ईयू-अमेरिका व्यापार ढांचे के अंतर्गत कम से कम 40 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के अमेरिकी एआई चिप्स खरीदने की व्यावसायिक प्रतिबद्धता भी जताई है। यह कदम एआई क्षेत्र में अमेरिका और यूरोप के बीच तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा।
सदस्य देश और हालिया विकास
यूरोपीय संघ के शामिल होने से पहले यूनाइटेड किंगडम, जापान, दक्षिण कोरिया, भारत, ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, फिनलैंड और स्वीडन इस पहल का हिस्सा बन चुके थे। जर्मनी और नीदरलैंड्स ने भी यूरोपीय संघ के अतिरिक्त व्यक्तिगत सदस्य के रूप में इसमें भागीदारी की है। अमेरिकी विदेश विभाग के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग को पैक्स सिलिका का प्रमुख वास्तुकार माना जाता है। इसके अलावा मई 2026 में अमेरिका और फिलीपींस ने लूज़ोन इकोनॉमिक सिक्योरिटी ज़ोन में पहला पैक्स सिलिका एआई विनिर्माण केंद्र स्थापित किया। लगभग 4,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह केंद्र एआई हार्डवेयर और उन्नत तकनीकी उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पैक्स सिलिका पहल की शुरुआत अमेरिका ने दिसंबर 2025 में की थी।
- यूरोपीय संघ ने 3 जून 2026 को इस पहल में औपचारिक रूप से शामिल होने की मंजूरी दी।
- यह पहल सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा और डिजिटल अवसंरचना जैसे क्षेत्रों को कवर करती है।
- पहला पैक्स सिलिका एआई विनिर्माण केंद्र मई 2026 में फिलीपींस के लूज़ोन इकोनॉमिक सिक्योरिटी ज़ोन में शुरू किया गया था।
एआई तकनीक आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बनने जा रही है। ऐसे में पैक्स सिलिका जैसी पहलें सहयोगी देशों को तकनीकी आत्मनिर्भरता, आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करती हैं। यूरोपीय संघ का इस पहल में शामिल होना वैश्विक एआई शासन और तकनीकी साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।