लंदन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स में आयोजित हुआ ‘विकसित भारत 2047’ फोरम
यूनाइटेड किंगडम की संसद के उच्च सदन हाउस ऑफ लॉर्ड्स में 19 जून 2026 को “विकसित भारत 2047” फोरम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन यूके की एनआरआई एसोसिएशन द्वारा किया गया, जिसमें सांसदों, राजनयिकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा भारतीय मूल के लोगों ने भाग लिया। फोरम का उद्देश्य भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों, भारत-यूके सहयोग और वैश्विक स्तर पर भारतीय समुदाय की भूमिका पर चर्चा करना था।
विकसित भारत 2047 का विजन
“विकसित भारत 2047” भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देश को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दीर्घकालिक परिकल्पना है। यह दृष्टिकोण आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, तकनीकी नवाचार, सुशासन और संस्थागत सुधारों पर आधारित है। वर्ष 2047 तक भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने के लिए विभिन्न नीतिगत पहलों और विकास कार्यक्रमों को इस लक्ष्य से जोड़ा जा रहा है। इसी संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इस विषय पर चर्चा बढ़ रही है।
भारत-यूके सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
फोरम में भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के मुख्य विषयों में व्यापार, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान शामिल रहे। कार्यक्रम में प्रस्तावित भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते का भी उल्लेख किया गया। मुक्त व्यापार समझौते दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को कम करने, निवेश को बढ़ावा देने और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नई गति प्रदान कर सकता है।
भारतीय प्रवासी समुदाय की भूमिका
फोरम में भारतीय प्रवासी समुदाय को भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच “जीवंत सेतु” बताया गया। भारतीय मूल के लोग लंबे समय से ब्रिटेन के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। प्रवासी भारतीय न केवल दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करते हैं, बल्कि व्यापार, निवेश, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में वैश्विक भारतीय समुदाय की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रमुख वक्ताओं ने रखे विचार
कार्यक्रम में मीनाक्षी सिंह, लॉर्ड ग्राहम ब्रैडी और लॉर्ड रामी रेंजर सहित कई प्रमुख वक्ताओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने भारत की विकास यात्रा, वैश्विक अर्थव्यवस्था में उसकी बढ़ती भूमिका तथा भारत-यूके संबंधों के भविष्य पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाकर शिक्षा, व्यापार, कानूनी ढांचे और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- हाउस ऑफ लॉर्ड्स यूनाइटेड किंगडम की संसद का उच्च सदन है।
- विकसित भारत 2047 भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने से जुड़ा राष्ट्रीय विकास लक्ष्य है।
- मुक्त व्यापार समझौते देशों के बीच शुल्क और अन्य व्यापारिक बाधाओं को कम करने के लिए किए जाते हैं।
- एनआरआई एसोसिएशन ऑफ यूके ब्रिटेन में भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ कार्य करने वाला संगठन है।
लंदन में आयोजित यह फोरम भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच बढ़ते सहयोग तथा वैश्विक मंच पर भारत की उभरती भूमिका को दर्शाता है। विकसित भारत 2047 की परिकल्पना केवल भारत के आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, नवाचार और वैश्विक भारतीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण तत्व हैं। ऐसे कार्यक्रम दोनों देशों के संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक साबित हो सकते हैं।