ओडिशा से ऑस्ट्रिया को भेजा गया पहला वाणिज्यिक अंडा पाउडर निर्यात
ओडिशा ने कृषि-प्रसंस्करण और खाद्य निर्यात के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 20 और 21 जून 2026 को ऑस्ट्रिया के लिए सूखे संपूर्ण अंडा पाउडर की अपनी पहली वाणिज्यिक खेप भेजी। यह निर्यात 22.6 मीट्रिक टन का था और इसे बोलांगीर स्थित ओवीओ फार्म प्राइवेट लिमिटेड द्वारा भेजा गया। यह कंपनी कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) में पंजीकृत है और अंतरराष्ट्रीय खाद्य मानकों के अनुरूप उत्पादों का निर्माण करती है।
अंडा पाउडर क्या है और इसका उपयोग
सूखा संपूर्ण अंडा पाउडर अंडों से तैयार किया जाने वाला एक प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद है। इसे विशेष तकनीकों के माध्यम से सुखाकर पाउडर के रूप में परिवर्तित किया जाता है, जिससे इसकी शेल्फ लाइफ काफी बढ़ जाती है। इस उत्पाद का उपयोग बेकरी, कन्फेक्शनरी, खाद्य प्रसंस्करण और औषधि उद्योगों में व्यापक रूप से किया जाता है। लंबी अवधि तक सुरक्षित रहने की क्षमता के कारण यह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक महत्वपूर्ण औद्योगिक खाद्य सामग्री के रूप में कारोबार किया जाता है।
एपीडा की भूमिका और निर्यात प्रोत्साहन
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना है। एपीडा निर्यातकों को पंजीकरण, अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन और व्यापार संवर्धन गतिविधियों में सहायता प्रदान करता है। ओडिशा से ऑस्ट्रिया को भेजी गई यह खेप भी एपीडा के निर्यात प्रोत्साहन प्रयासों का एक उदाहरण मानी जा रही है।
आधुनिक प्रसंस्करण सुविधा की उपलब्धि
जिस अंडा पाउडर का निर्यात किया गया, उसका उत्पादन बोलांगीर में वर्ष 2025 में स्थापित एक आधुनिक अंडा प्रसंस्करण संयंत्र में किया गया। यह संयंत्र वैश्विक खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप संचालित किया जाता है। संयंत्र को एफएसएससी 22000 संस्करण 6, हलाल और कोषेर जैसे महत्वपूर्ण प्रमाणन प्राप्त हैं। ये प्रमाणन अंतरराष्ट्रीय व्यापार में गुणवत्ता, सुरक्षा और विभिन्न धार्मिक आवश्यकताओं के अनुपालन को सुनिश्चित करते हैं। ऐसे प्रमाणन विदेशी बाजारों में उत्पादों की स्वीकार्यता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पूर्वी भारत के लिए नई संभावनाएं
यह निर्यात केवल ओडिशा के लिए ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वी भारत के कृषि-प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे राज्य में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, रोजगार सृजन और निर्यात क्षमता को बढ़ावा मिलने की संभावना है। बोलांगीर अब प्रसंस्कृत अंडा उत्पादों के उत्पादन और निर्यात के एक उभरते केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है। यह उपलब्धि भारत के प्रसंस्कृत पोल्ट्री उत्पादों के निर्यात को भी नई दिशा प्रदान कर सकती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एपीडा की स्थापना कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1985 के तहत की गई थी।
- एफएसएससी 22000 वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं में मान्यता प्राप्त खाद्य सुरक्षा प्रमाणन प्रणाली है।
- हलाल प्रमाणन उन उत्पादों के लिए दिया जाता है जो इस्लामी आहार नियमों के अनुरूप होते हैं।
- कोषेर प्रमाणन यह सुनिश्चित करता है कि उत्पाद यहूदी आहार संबंधी नियमों का पालन करता है।
ऑस्ट्रिया को भेजी गई यह पहली वाणिज्यिक खेप ओडिशा के कृषि-प्रसंस्करण क्षेत्र की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है। आधुनिक तकनीक, अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों और निर्यात प्रोत्साहन नीतियों के सहयोग से राज्य वैश्विक खाद्य बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। यह उपलब्धि भविष्य में भारतीय प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात विस्तार के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकती है।