रूस की नई यासेन-एम पनडुब्बी से नौसैनिक ताकत में बढ़ोतरी

रूस की नई यासेन-एम पनडुब्बी से नौसैनिक ताकत में बढ़ोतरी

रूस ने अपनी नई परमाणु-संचालित हमलावर पनडुब्बी के-563 उल्यानोवस्क को सेवमाश शिपयार्ड, सेवेरोदविंस्क में जलावतरण किया। यह पनडुब्बी प्रोजेक्ट 885एम यासेन-एम श्रेणी की है और इसे रूसी नौसेना की अगली पीढ़ी की बहुउद्देशीय अंडरवॉटर क्षमता के रूप में देखा जा रहा है।

यासेन-एम श्रेणी क्यों अहम है

प्रोजेक्ट 885 और 885एम रूस की चौथी पीढ़ी की बहुउद्देशीय परमाणु हमलावर पनडुब्बियों की श्रेणी हैं। इनका उपयोग केवल पनडुब्बी-रोधी अभियानों तक सीमित नहीं है, बल्कि ये सतही जहाजों पर हमला, खुफिया जानकारी जुटाने, समुद्री खदान बिछाने और जमीन पर मिसाइल प्रहार जैसी भूमिकाएं भी निभा सकती हैं।उल्यानोवस्क को 28 जुलाई 2017 को रखा गया था और जलावतरण के बाद अब इसका फिटिंग-आउट चरण शुरू होगा। यह प्रक्रिया पनडुब्बी को समुद्री परीक्षणों और अंतिम तकनीकी समायोजन के लिए तैयार करती है।

हथियार और तकनीकी क्षमता

यासेन-एम पनडुब्बियों में आठ वर्टिकल लॉन्च मॉड्यूल और दस 533 मिमी टॉरपीडो ट्यूब होते हैं। इनके जरिए यह पनडुब्बी बड़ी संख्या में क्रूज मिसाइलें और भारी टॉरपीडो ले जा सकती है। इसके मिसाइल पैकेज में अधिकतम 40 कलिब्र क्रूज मिसाइलें या 32 त्सिरकॉन हाइपरसोनिक और ओनिक्स क्रूज मिसाइलें शामिल हो सकती हैं। टॉरपीडो ट्यूबों से 30 तक भारी हथियार दागे जा सकते हैं।उल्यानोवस्क को विशेष रूप से त्सिरकॉन मिसाइलों के एकीकरण के लिए शुरू से ही तैयार किया गया है। त्सिरकॉन रूस की हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे सामरिक परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम बताया जाता है।

सेवा में आने की प्रक्रिया और रणनीतिक भूमिका

रूसी नौसेना के उत्तरी बेड़े के लिए तैयार की जा रही यह पनडुब्बी दिसंबर 2027 तक सेवा में आने की उम्मीद है। इसके पहले कई चरणों के परीक्षण होंगे, जिनमें मूरिंग ट्रायल, फैक्ट्री सी ट्रायल, गहरे पानी में परीक्षण, नेविगेशन और प्रणोदन जांच, तथा हथियार परीक्षण शामिल हैं।यह श्रेणी रूस की समुद्री रणनीति में इसलिए महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि ये पनडुब्बियां रूसी बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों की सुरक्षा में भी मदद करती हैं। यानी ये न केवल आक्रामक क्षमता बढ़ाती हैं, बल्कि परमाणु प्रतिरोधक ढांचे को भी मजबूत करती हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सेवमाश शिपयार्ड रूस के आर्खान्गेल्स्क ओब्लास्ट के सेवेरोदविंस्क शहर में स्थित है।
  • प्रोजेक्ट 885 मूल यासेन श्रेणी है, जबकि प्रोजेक्ट 885एम इसका उन्नत यासेन-एम संस्करण है।
  • कलिब्र रूस की क्रूज मिसाइलों की वह श्रेणी है, जिसका उपयोग जमीन और समुद्री लक्ष्यों पर हमले के लिए किया जाता है।
  • त्सिरकॉन रूस की हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो नौसैनिक हमले की भूमिका के लिए जानी जाती है।

मध्य-2026 तक रूस के पास चार प्रोजेक्ट 885एम यासेन-एम पनडुब्बियां और एक मूल प्रोजेक्ट 885 यासेन पनडुब्बी सेवा में थीं। उल्यानोवस्क सहित दो और यासेन-एम पनडुब्बियां जलावतरण हो चुकी हैं, जबकि तीन अन्य अभी निर्माणाधीन हैं।

Originally written on August 3, 2026 and last modified on August 3, 2026.

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