वाइस एडमिरल मनीष छड्डा को नौसेना संचालन की अहम कमान
वाइस एडमिरल मनीष छड्डा, एवीएसएम, वीएसएम ने 3 अगस्त 2026 को भारतीय नौसेना में डायरेक्टर जनरल नेवल ऑपरेशंस (DGNO) का पदभार संभाल लिया। यह नियुक्ति नौसेना के उन शीर्ष परिचालन पदों में से एक है, जो समुद्री सुरक्षा, बेड़े की तैनाती और संचालन संबंधी योजना से सीधे जुड़ा होता है।
DGNO की भूमिका क्यों अहम है
डायरेक्टर जनरल नेवल ऑपरेशंस का दायित्व भारतीय नौसेना की परिचालन तैयारियों को दिशा देना है। इस पद से समुद्री सुरक्षा अभियानों, नौसैनिक संसाधनों की तैनाती और रणनीतिक ऑपरेशनों के समन्वय से जुड़े फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। सरल शब्दों में, यह पद नौसेना की ऑपरेशनल क्षमता और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था का एक केंद्रीय हिस्सा है।
मनीष छड्डा का नौसैनिक करियर
वाइस एडमिरल छड्डा संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ हैं और भारतीय नौसेना में उनके 35 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्हें 1 जुलाई 1991 को 78वें एनडीए कोर्स, खड़कवासला से स्नातक होने के बाद कमीशन मिला था। अपने करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण कमान संभालीं, जिनमें कोस्ट गार्ड शिप CGS-05, INS Veer, INS Kirpan और गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर INS Mysore शामिल हैं।उन्होंने विदेश में भी जिम्मेदारी निभाई और मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास में नौसेना अताशे के रूप में कार्य किया। इसके अलावा वे महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र तथा गुजरात, दमन और दीव नौसेना क्षेत्र की कमान भी संभाल चुके हैं।
प्रशिक्षण, नेतृत्व और सम्मान
DGNO का पद संभालने से पहले वे केरल के एझिमला स्थित भारतीय नौसेना अकादमी के कमांडेंट थे। यह अकादमी नौसेना अधिकारियों के प्रशिक्षण और नेतृत्व निर्माण का प्रमुख केंद्र है। उनके सेवा-योगदान के लिए उन्हें 2017 में विशिष्ट सेवा पदक (VSM) और 2025 में अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) से सम्मानित किया गया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- डायरेक्टर जनरल नेवल ऑपरेशंस (DGNO) भारतीय नौसेना का एक वरिष्ठ परिचालन पद है।
- भारतीय नौसेना अकादमी केरल के एझिमला में स्थित है।
- राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) महाराष्ट्र के खड़कवासला में है।
- INS Mysore भारतीय नौसेना का गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर है।
- VSM और AVSM भारतीय सैन्य सेवाओं में विशिष्ट योगदान के लिए दिए जाने वाले सम्मान हैं।
इस नियुक्ति के साथ नौसेना के परिचालन ढांचे में एक अनुभवी अधिकारी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। समुद्री सुरक्षा और ऑपरेशनल प्लानिंग के लिहाज से यह पद भारतीय नौसेना की कार्यप्रणाली में खास महत्व रखता है।