राजस्थान के जैसलमेर में ऑयल इंडिया को प्राकृतिक गैस का नया भंडार मिला

राजस्थान के जैसलमेर में ऑयल इंडिया को प्राकृतिक गैस का नया भंडार मिला

Oil India Limited ने राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित डांडेवाला क्षेत्र में प्राकृतिक गैस की नई खोज की घोषणा की है। यह खोज 22 मई 2026 को सामने आई और इसे डांडेवाला क्षेत्र के उथले “सानू फॉर्मेशन” में प्राकृतिक गैस की पहली सफल स्थापना माना जा रहा है। यह खोज पश्चिमी राजस्थान में हाइड्रोकार्बन अन्वेषण के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे क्षेत्र में आगे गैस उत्पादन और अतिरिक्त खोज गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

डांडेवाला क्षेत्र और राजस्थान बेसिन

Dandewala Field पश्चिमी राजस्थान में स्थित एक प्रमुख हाइड्रोकार्बन क्षेत्र है। राजस्थान बेसिन लंबे समय से तेल और गैस अन्वेषण गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। भारत सरकार की पेट्रोलियम अन्वेषण और उत्पादन व्यवस्था के तहत Oil India Limited देश के विभिन्न नामित क्षेत्रों में संचालन करती है। यह कंपनी पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है।

खोज कुएं और परीक्षण से जुड़ी जानकारी

नई खोज के लिए कुएं की ड्रिलिंग लगभग 950 मीटर की गहराई तक की गई। परीक्षण के दौरान इसमें प्रतिदिन लगभग 25,000 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस का औसत प्रवाह दर्ज किया गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस नए क्षेत्र में लगभग 75 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस संसाधन मौजूद हो सकते हैं। “गैस इन प्लेस” का अर्थ उस कुल प्राकृतिक गैस मात्रा से होता है, जो उत्पादन शुरू होने से पहले किसी भंडार में मौजूद मानी जाती है।

सानू फॉर्मेशन की विशेषताएँ

सानू फॉर्मेशन डांडेवाला क्षेत्र की अपेक्षाकृत उथली भूगर्भीय संरचना है और यह पश्चिमी राजस्थान की तलछटी परतों का हिस्सा मानी जाती है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस क्षेत्र से प्राप्त गैस में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा अपेक्षाकृत कम है, जो इसे गुणवत्ता की दृष्टि से बेहतर बनाती है। कम कार्बन डाइऑक्साइड वाली गैस प्रसंस्करण और उपयोग के लिहाज से अधिक लाभकारी मानी जाती है।

प्राकृतिक गैस का महत्व

प्राकृतिक गैस एक जीवाश्म ईंधन है, जिसका उपयोग बिजली उत्पादन, उर्वरक निर्माण, औद्योगिक ताप व्यवस्था और सिटी गैस वितरण में किया जाता है। भारत में ऊर्जा मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में घरेलू गैस भंडारों की खोज ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने भी इस खोज का उल्लेख करते हुए इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • Oil India Limited पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन कार्य करती है।
  • एससीएमडी का अर्थ “स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रति दिन” होता है, जिसका उपयोग गैस प्रवाह मापने में किया जाता है।
  • एमएमएससीएम का अर्थ “मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर” है।
  • Jaisalmer भारत के महत्वपूर्ण ऑनशोर हाइड्रोकार्बन क्षेत्रों में शामिल है।
  • प्राकृतिक गैस का उपयोग बिजली उत्पादन, उर्वरक और सिटी गैस वितरण में किया जाता है।
  • सानू फॉर्मेशन पश्चिमी राजस्थान की तलछटी भूगर्भीय संरचनाओं का हिस्सा है।

डांडेवाला क्षेत्र में मिली यह नई गैस खोज भारत की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू गैस उत्पादन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। इससे पश्चिमी राजस्थान में आगे और अन्वेषण गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

Originally written on May 26, 2026 and last modified on May 26, 2026.

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