ताइवान बना दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार
ताइवान ने 25 मई 2026 को भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार बनने का स्थान हासिल कर लिया। ताइवान के शेयर बाजार का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 4.95 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जबकि भारत का बाजार मूल्य लगभग 4.92 ट्रिलियन डॉलर दर्ज किया गया। ताइवान की इस बड़ी छलांग के पीछे मुख्य कारण Taiwan Semiconductor Manufacturing Co. के शेयरों में तेज वृद्धि रही। कंपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े सेमीकंडक्टर की बढ़ती मांग का बड़ा लाभ उठा रही है।
वैश्विक शेयर बाजार रैंकिंग
वर्तमान वैश्विक रैंकिंग में सबसे बड़े शेयर बाजारों में अमेरिका पहले स्थान पर है। इसके बाद मुख्यभूमि चीन, जापान, हांगकांग, ताइवान और भारत का स्थान आता है। ताइवान ने अप्रैल 2026 में पहले कनाडा और फिर यूनाइटेड किंगडम को पीछे छोड़ा था। अब भारत से आगे निकलकर उसने वैश्विक वित्तीय बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।
टीएसएमसी की भूमिका
Taiwan Semiconductor Manufacturing Co. दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट चिप निर्माता कंपनी है। यह ताइवान के प्रमुख शेयर सूचकांक का सबसे बड़ा हिस्सा है और अकेले कंपनी का योगदान सूचकांक में 42 प्रतिशत से अधिक है। 26 मई 2026 तक कंपनी के शेयरों में लगभग 49 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह तेजी मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ने के कारण आई। एआई सेमीकंडक्टर का उपयोग डेटा सेंटर, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग और मशीन लर्निंग सिस्टम में किया जाता है। वैश्विक स्तर पर एआई तकनीक के विस्तार से चिप उद्योग में तेज वृद्धि देखी जा रही है।
भारत के शेयर बाजार की स्थिति
भारत के शेयर बाजार में 2026 के दौरान विदेशी निवेशकों की भारी निकासी देखी गई, जिससे बाजार पूंजीकरण में गिरावट आई। विशेषज्ञों के अनुसार ऊंचे मूल्यांकन, कमजोर रुपया, बढ़ती ऊर्जा लागत और कंपनियों की धीमी आय वृद्धि जैसे कारण भारतीय बाजार पर दबाव बनाने वाले प्रमुख कारक रहे हैं। विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली को “फॉरेन आउटफ्लो” कहा जाता है, जिसका प्रभाव बाजार पूंजीकरण और निवेश माहौल दोनों पर पड़ता है।
नियामकीय और निवेश से जुड़ी बातें
ताइवान के वित्तीय नियामक ने घरेलू फंड्स के लिए किसी एक कंपनी में निवेश सीमा बढ़ाकर उनकी कुल शुद्ध संपत्ति का 25 प्रतिशत कर दिया है। इस निर्णय का बड़ा प्रभाव Taiwan Semiconductor Manufacturing Co. जैसी बड़ी कंपनियों में निवेश पर पड़ सकता है। इससे घरेलू निवेश फंडों के निवेश पैटर्न में बदलाव आने की संभावना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मार्केट कैपिटलाइजेशन किसी कंपनी या शेयर बाजार के कुल मूल्य को दर्शाता है।
- Taiwan Semiconductor Manufacturing Co. दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट चिप निर्माता कंपनी है।
- हांगकांग 2026 में भी ताइवान से ऊपर वैश्विक शेयर बाजार रैंकिंग में बना हुआ है।
- फॉरेन आउटफ्लो का अर्थ विदेशी निवेशकों द्वारा किसी घरेलू बाजार में शुद्ध बिकवाली से है।
- बेंचमार्क इंडेक्स बाजार के प्रदर्शन को मापने वाला प्रमुख सूचकांक होता है।
- एआई सेमीकंडक्टर का उपयोग डेटा सेंटर और मशीन लर्निंग प्रणालियों में किया जाता है।
ताइवान का पांचवें सबसे बड़े शेयर बाजार के रूप में उभरना वैश्विक तकनीकी उद्योग में सेमीकंडक्टर कंपनियों की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। वहीं भारत के लिए यह संकेत है कि वैश्विक निवेश आकर्षित करने और बाजार स्थिरता बनाए रखने के लिए आर्थिक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटना आवश्यक होगा।